लाइव टीवी

इस IAS अफसर को आतंकी संगठनों से अब भी है जान का ख़तरा, CAT ने दी राहत

Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 30, 2019, 6:07 PM IST
इस IAS अफसर को आतंकी संगठनों से अब भी है जान का ख़तरा, CAT ने दी राहत
मणिपुर से प्रतिनियुक्ति पर आए आईएएस अफसर मोहनलाल मीणा फिलहाल एमपी में ही बने रहेंगे.

CAT ने मध्य प्रदेश (madhya pradesh) से उनकी रिलीविंग पर रोक लगा दी है. साथ ही कैट (CAT) ने आदेश दिए हैं कि जब तक केंद्र सरकार आईएएस मीणा की पदस्थापना ना करे तब तक मीणा प्रदेश में ही कार्य कर सकते हैं.

  • Share this:
जबलपुर.मध्य प्रदेश (madhya pradesh) प्रतिनियुक्ति पर आए आईएएस अफसर (IAS officer)मोहनलाल मीणा (mohanlal ) फिलहाल एमपी में ही बने रहेंगे. जान पर ख़तरे को देखते हुए CAT ने उनकी रिलीविंग पर रोक लगा दी है. मीणा मणिपुर-त्रिपुरा कैडर (Manipur-Tripura Cadre) के IAS अफसर हैं. उनकी जान को मणिपुर के आतंकी संगठनों (Terrorist organizations) से ख़तरा है. 2010 में वो प्रतिनियुक्ति पर मध्य प्रदेश आए थे.

मोहनलाल मीणा 2001 बैच के मणिपुर - त्रिपुरा कैडर के IAS अफसर हैं. मणिपुर के उखरूल ज़िले मे कलेक्टर रहते हुए आंतकी संगठनों से जुड़े लोगों ने कलेक्टर बंगले में घुसकर उनके साथ मारपीट की थी. उसके बाद वो लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे. जान पर ख़तरा देखते हुए 2010 में उन्हें मध्यप्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया था.
CAT से राहत
मोहनलाल मीणा को जबलपुर स्थित केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण से बड़ी राहत मिली है. मीणा की पदस्थापना की अवधि खत्म हो रही थी. उसके बाद उन्हें मणिपुर भेजा जाना था. इसके खिलाफ मीणा ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण CAT में याचिका दायर की थी. CAT ने मध्य प्रदेश से उनकी रिलीविंग पर रोक लगा दी है. साथ ही कैट ने आदेश दिए हैं कि जब तक केंद्र सरकार आईएएस मीणा की पदस्थापना ना करे तब तक मीणा प्रदेश में ही कार्य कर सकते हैं.

ये है मामला
दरअसल ये पूरा मामला आतंकियों की धमकियों से जुड़ा हुआ है. मणिपुर त्रिपुरा कैडर के आईएएस अफसर मोहनलाल मीणा की जान को खतरा था. जिसके बाद डीओपीटी के निर्देश पर आईएएस मीणा की 2010 में मध्य प्रदेश में प्रतिनियुक्ति की गई. जान का खतरा बरकरार होने के कारण उनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि लगातार बढ़ती गई. 21 जनवरी को भी मणिपुर की सीआईडी स्पेशल ब्रांच ने एक रिपोर्ट दी जिसमें बताया गया कि मोहनलाल मीणा की जान पर अभी भी ख़तरा है. आईबी की रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई. इसके बावजूद 31 जनवरी 2019 को केंद्र ने मीणा को मध्य प्रदेश से रिलीव कर दिया. उसके बाद मीणा ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की शरण ली.अधिकरण में मीणा की याचिका पर सुनवाई के बाद उनकी रिलीविंग पर रोक लगा दी गयी.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जबलपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 30, 2019, 6:07 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...