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वेलफेयर के नाम पर कृषि मंडी में 'गुंडा टैक्स' की वसूली, बेबस हुए किसान

बिना रसीद के वसूली जा रही वेलफेयर की रकम.
बिना रसीद के वसूली जा रही वेलफेयर की रकम.

जबलपुर (Jabalpur) की कृषि उपज मंडी में वेलफेयर (Welfare) के नाम पर खुलेआम 'गुण्‍डाटैक्स' की वसूली की जा रही है. जबकि मंडी प्रबंधन किसानों की सुनने को तैयार नहीं है और अब खुली लूट शुरू हो चुकी है.

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जबलपुर. वेलफेयर (Welfare) के नाम पर जबलपुर (Jabalpur) की कृषि उपज मंडी (Agricultural Produce Market) में खुलेआम 'गुंडा टैक्स' की वसूली की जा रही है. एक तरफ व्यापारी मनमाने दामों पर किसानों (Farmers) से फसल खरीद रहे हैं, तो वही कृषि उपज मंडी प्रबंधन किसानों की सुनने को तैयार नहीं है. लिहाजा अब तो कृषि उपज मंडी में खुली लूट शुरू हो चुकी है. हालात ऐसे बन गए हैं कि मंडी में आने वाले वाहन चालकों से भी अवैध वसूली खुलेआम की जा रही है.

बिना रसीद के वसूली जा रही वेलफेयर की रकम
यही नहीं जो वाहन चालक कृषि उपज मंडी से फसल लेकर दूसरे शहरों और राज्य की तरफ जा रहे थे, उन्‍हें भी मंडी से बाहर निकलने से पहले रोक लिया गया. वजह थी तथाकथित ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के नाम पर वेलफेयर टैक्‍स यानी गुंडा टैक्स की की वसूली. हैरानी की बात है कि जो लोग पैसे मांग रहे हैं वो ना तो किसी सरकारी विभाग के हैं और ना ही उनका कृषि उपज मंडी प्रबंधन से कोई संबंध है. इसके बावजूद खुलेआम वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं. वसूली भी 10 या 20 रुपए की नहीं बल्कि 500 से लेकर 2 हजार रुपए तक है. चौंकाने वाली बत ये है कि जिस एसोसिएशन के नाम पर ये वसूली की जा रही है उसके बदले ना तो वाहन चालकों को किसी तरह की रसीद सौंपी जाती है और ना ही कोई दस्तावेज दिए जाते हैं. जबकि पैसे ना देने पर मारपीट तक की जाती है. वाहन चालक समझ नहीं पाते हैं कि आखिरकार वह पैसा किस बात का दे रहे हैं. कृषि उपज मंडी में खुलेआम चल रही अवैध वसूली को लेकर वाहन चालकों में खासा नाराजगी है.

सुरक्षा के लिए ले रहे पैसा- यूनियन अध्यक्ष
जब न्‍यूज़ 18 मने गुंडा टैक्स वसूली करने वाले लोगों से पूछा कि वो वाहन चालकों से किस बात का पैसा ले रहे हैं तो उनका तर्क था कि वह ट्रांसपोर्ट यूनियन के सदस्य हैं. वह संस्कारधानी ट्रांसपोर्ट यूनियन के नाम से एक संस्था चला रहे हैं और यह संस्था वाहन चालकों से उनकी सुरक्षा के लिए पैसे लेती है. वसूली करने वाले लोग अपने काम को जायज ठहराने की पुरजोर कोशिश कर रहे थे. इस तथाकथित एसोसिएशन के मुख्य सरगना का नाम मनीष शर्मा है.



प्रशासन भी हुआ हैरान
कृषि उपज मंडी में चल रही खुलेआम लूट को जब न्‍यूज़ 18 ने जिला प्रशासन के अधिकारी के सामने रखा तो वह भी हैरान रह गए,क्योंकि कृषि उपज मंडी में मंडी शुल्क के अलावा और किसी भी तरह की वसूली गैरकानूनी है. यही नहीं जो भी पैसा लिया जाता है उसका अधिकार मंडी प्रबंधन का ही है. इस मामले में जिला प्रशासन का कहना है कि कृषि उपज मंडी में चल रही है अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाएगी. साथ ही अवैध वसूली करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी.

वाहन चालक परेशान, किसान बेबस
खुलेआम चल रही है अवैध वसूली से एक तरफ जहां वाहन चालक परेशान हैं तो वहीं इसका सीधा असर किसानों पर ही पड़ रहा है. लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि यह अवैध वसूली पिछले कई दिनों से चल रही है. इस लूट के बारे में अब तक कृषि उपज मंडी के अधिकारियों ने कुछ भी नहीं किया. कहा तो यह भी जा रहा है कि जो लोग अवैध वसूली कर रहे हैं उन पर सत्ताधारी दल से जुड़े एक विधायक का हाथ है.

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