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Madhya Pradesh में जल्द बनेगा बिजली बैंक, 600 किलोवाट तक पावर हो सकेगा स्टोर, पढ़ें पूरा प्लान

Madhya Pradesh Samachar: मध्य प्रदेश सबसे पहला राज्य होगा जहां बिजली बैंक बनाने पर काम किया जाएगा.

Madhya Pradesh Samachar: मध्य प्रदेश सबसे पहला राज्य होगा जहां बिजली बैंक बनाने पर काम किया जाएगा.

Electricity Bank in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) देश का सबसे पहला राज्य होगा जहां बिजली बैंक बनाने पर काम किया जा रहा है. ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने बताया है कि दिसंबर महीने में ही बिजली को स्टोर करने की नई तकनीक पर काम चालू हो जाएगा और टेंडर भी किया जाएगा. माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट से 600 किलोवाट तक बिजली स्टोर की जा सकेगी.

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जबलपुर. अब तक हमने बिजली को स्टोर यानी जमा करने की बातें सुनी होंगी, लेकिन देश में अब यह जल्द संभव हो सकेगा. इस दिशा में मध्य प्रदेश सबसे पहला राज्य होगा जो कदम बढ़ाने जा रहा है. सरकार का मानना है कि इस मेगा प्रोजेक्ट से 600 मेगावॉट तक बिजली जमा हो सकेगी. हाल ही में सम्पन्न हुए ऊर्जा विभाग के तीन दिवसीय मंथन 2022 के आयोजन से वाकई अमृत ही निकला है. मंथन के समापन के बाद मीडिया से मुखातिब हुए ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने बताया है कि दिसंबर महीने में ही बिजली को स्टोर करने की नई तकनीक पर काम चालू हो जाएगा और टेंडर भी हो जाएंगे.

उनका कहना है कि फिलहाल में रूस-यूक्रेन युद्ध जारी है. ऐसे में जिस मेटल का उपयोग इस पूरी प्रक्रिया में होना है वह काफी महंगा हो गया है. हालात सामान्य होने पर इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा. बिजली स्टोर यानी जमा करने के लिए टंगस्टन ऑक्साइड बेस्ट नैनोमेटेरियल बैटरी का इस्तेमाल होगा. अमूमन इस बैटरी की विदेशों से ही आपूर्ति की जाएगी, लेकिन फिलहाल अंतरराष्ट्रीय माहौल में यह यंत्र बेहद महंगा है जिस वजह से फिलहाल इस प्रक्रिया को दिसंबर तक टाल दिया गया है.

सोलर से लेकर विंड एनर्जी तक हो सकेगी स्टोर

ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे का कहना है कि मूल रूप से प्राकृतिक स्त्रोतों से मिलने वाली बिजली में इसका इस्तेमाल होगा जिसमें विंड एनर्जी ,सोलर एनर्जी शामिल है. अमूमन औसत बिजली आपूर्ति हो जाने के बाद अतिरिक्त बिजली को इस्तेमाल में नहीं लिया जा सकता था, क्योंकि अतिरिक्त बिजली को स्टोर करने की सुविधा नहीं थी. लेकिन टंगस्टन ऑक्साइड बेस नैनोमेटेरियल बैटरी से यह सब संभव हो पाएगा. जानकारी के मुताबिक प्रथम चरण में 600 मेगावाट बिजली की बचत हो इस लिहाज से एक बड़े क्षेत्र में बैटरी रखी जाएगी जिसमें 600 किलोवाट तक बिजली स्टोर हो सकेगी.

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प्राथमिक तौर पर अभी इसकी टेंडर की प्रक्रिया होनी है और प्रयोग के तौर पर इसकी शुरुआत होगी. फिलहाल ना केवल भारत देश बल्कि कई अन्य देशों में इसे प्रयोग के रूप में लिया गया है और सफल परिणाम मिलने पर इसके कारगर परिणाम सामने आएंगे. बिजली स्टोर या जमा हो जाने से अमूमन थर्मल पावर स्टेशन पर दबाव एक ओर कम होगा, वहीं महंगी बिजली से भी एक बड़ी राहत बिजली कंपनियों और प्रदेशवासियों को मिल सकेगी. यह कहने में भी कोई गुरेज नहीं होगा कि बिजली की दरों में भी कुछ कमी आ जाए.

Tags: Jabalpur news, Mp news, Power Crisis

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