राजपथ पर पहली बार दिखेगा ‘देशी बोफोर्स’ का शौर्य

भारत का पहला स्वदेशी लंबी दूरी तक निशाना साधने वाली तोप ‘धनुष’ उर्फ ‘देशी बोफोर्स’ का शौर्य पहली बार नयी दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस की परेड में दिखाई देगा.

भारत का पहला स्वदेशी लंबी दूरी तक निशाना साधने वाली तोप ‘धनुष’ उर्फ ‘देशी बोफोर्स’ का शौर्य पहली बार नयी दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस की परेड में दिखाई देगा.

भारत का पहला स्वदेशी लंबी दूरी तक निशाना साधने वाली तोप ‘धनुष’ उर्फ ‘देशी बोफोर्स’ का शौर्य पहली बार नयी दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस की परेड में दिखाई देगा.

  • Last Updated: January 22, 2017, 6:58 PM IST
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भारत का पहला स्वदेशी लंबी दूरी तक निशाना साधने वाली तोप ‘धनुष’ उर्फ ‘देशी बोफोर्स’ का शौर्य पहली बार नयी दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस की परेड में दिखाई देगा.

जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्टरी (जीसीएफ) में निर्मित 155 एमएम की इस तोप के एक नग की लागत लगभग 14.50 करोड़ रपये है.

जीसीएफ के संयुक्त महाप्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने बताया, ‘‘रक्षा विभाग की ताकत को दिखाने के लिए ‘धनुष’ को नयी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में प्रदर्शित किया जाएगा.’’ एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ‘धनुष’ की तुलना विभिन्न देशों द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली अत्याधुनिक हथियारों की प्रणाली में की जाती है.



इसके अलावा, अत्याधुनिक तकनीकियों एवं खूबियों से लैस इस स्वदेशी तोप से 38 किलोमीटर की दूरी तक निशाना साधा जा सकता है, जो आयात किये गये ‘बोफोर्स तोप’ से 11 किलोमीटर अधिक है.
अधिकारी ने बताया, ‘‘इस ‘धनुष’ प्रोजेक्ट को अन्य आयुध निर्माणी फैक्टरियों एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों जैसे सेल, बीईएल एवं कई अन्य निजी क्षेत्र की कंपनियों से समथर्न एवं सहयोग मिला है. उनके सहयोग ने इस प्रोजेक्ट की बड़ी सफलता मिली है.’’

गौरतलब है कि 1980 दशक के आखिर में भारत सरकार ने स्वीडन की तत्कालीन बोफोर्स कंपनी से बोफोर्स का सौदा किया था और इस पर विवाद भी हुआ था. इन बोफोर्स तोपों को कारगिल युद्ध में उपयोग में लाया गया था. बाद में इन तोपों को अत्याधुनिक तकनीकियों एवं खूबियों के साथ भारत में ही बनाये जाने लगा है.

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