शहीद अश्विनी काछी की मां बोलीं - का कहूं बेटा...दो दिन पहले ही तो 'उससे' बात हुई थी

अश्विनी के बड़े भाई सुमंत कुमार बोले, "आत्मा की संतुष्टि के लिए सब ठीक है, लेकिन असल संतुष्टि तब होगी जब ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा.

Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 20, 2019, 6:25 PM IST
Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 20, 2019, 6:25 PM IST
पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद CRPF जवान अश्विनी काछी के गांव खुड़ावल में अब मातम छाया हुआ है. बुज़ुर्ग माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा छिन गया. भाइयों के साथ खड़ा होने वाला जवान चला गया. शहीद अश्विनी के घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है. बेसुध हो रही मां के आंसू थम नहीं रहे हैं और पिता, बेटे की मौत पर यकीन नहीं कर पा रहा.

सिहोरा के खुड़ावल गांव के अश्विनी भी पुलवामा में CRPF की उसी बस में सवार थे, जिसे आतंकवादी ने अपना निशाना बनाया. वे अप्रैल में घर आने वाले थे. परिवार वाले उनके रिश्ते की बात कर रहे थे. सब ठीक रहता तो घर में ढोलक बजती...लेकिन बजी तो फोन की घंटी.

ये भी पढ़ें - PHOTOS : शहीद अश्विनी काछी के गांव पहुंचे कमलनाथ के मंत्री, शनिवार को सीएम आएंगे

चश्मे के पीछे से लुढ़कते आंसू,पिता सुकरू काछी का दर्द बयां कर रहे थे. पिता ने याद किया कि कल रात लखनऊ से किसी अजनबी का फोन आया. उसने कहा कि मैं अश्विनी का दोस्त हूं. उसने ही आपका नंबर दिया था. उसी दोस्त ने अश्विनी की शहादत की ख़बर दी. पिता तब से बेहाल हैं. बार-बार कहते हैं- 'आत्मा को तभी तसल्ली मिलेगी, जब दुश्मन से खून का बदला खून से लिया जाए.' सुकरू काछी अपने शहीद बेटे-अश्विनी को याद करते हुए कहते हैं, वह बहुत आज्ञाकारी था.

पुलवामा आतंकी हमला : ऐश्वर्या राय बच्चन ने शहीद वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि

शहीद अश्विनी की मां कौशल्या काछी का तो मानो संसार ही उजड़ गया. वह बार -बार बस यही कहती हैं...क्या कहूं बेटा...अभी परसों ही तो उससे बात हुई थी.

शहीद अश्विनी के परिवार को एमपी सरकार ने 1 करोड़ की आर्थिक सहायता, एक घर और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है. इस पर अश्विनी के बड़े भाई सुमंत कुमार बोले, "आत्मा की संतुष्टि के लिए सब ठीक है, लेकिन असल संतुष्टि तब होगी जब ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा."
Loading...

ये भी पढ़ें- CM कमलनाथ ने हिमांशु को लिखी चिट्ठी, बोले-आपकी परेशानी मैं समझ रहा हूं...
First published: February 15, 2019, 8:10 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...