BIG NEWS: जबलपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कोरोना काल तक सिर्फ ट्यूशन फीस वसूलेंगे निजी स्‍कूल

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

हाईकोर्ट का यह फैसला सभी मायनों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कोरोना संकटकाल में यह देखा गया था कि निजी स्कूल अपनी मनमानी पर उतारू थे और अनाप सनाप फीस की वसूली अभिभावकों से कर रहे थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 1:54 PM IST
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जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कोरोना काल में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली पर लगाम लगा दी है. 6 अक्टूबर को सुरक्षित रखे फैसले को सुनाते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेशभर के अभिभावकों को बड़ी राहत दी हैं. करीब 1 दर्जन याचिकाओं पर लंबित हाईकोर्ट का फैसला आज सामने आया है. जिसमें हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक कोरोना काल रहेगा या फिर ये कहें कि जब तक फिजिकल क्लासेस चालू नहीं होंगे, तब तक निजी स्कूल सिर्फ और सिर्फ ट्यूशन फीस वसूल सकेंगे. वहीं हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि निजी स्कूल किसी भी तरीके से कोई एरियर बाद में वसूल नहीं कर सकेंगे. जब भी निजी स्कूल खुलेंगे तब से उस सत्र के बचे हुए महीनों की फीस बढ़ोतरी का फैसला शासन की कमेटी 1 माह के अंदर लेगी।.

जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच,अभिभावक संगठन समेत कई संगठनों की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिसमें कहा गया कि कोरोना काल में जब हर एक आदमी का बजट बिगड़ चुका है और स्कूल लग नहीं रहे हैं. उसके बावजूद भी निजी स्कूल मनमानी फीस वसूली कर रहे हैं. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है. अभिभावकों का कहना है कि निश्चित तौर पर हाईकोर्ट के इस फैसले ने लाखों अभिभावकों को बड़े आर्थिक संकट से बचा लिया है.

हाईकोर्ट का यह फैसला सभी मायनों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कोरोना संकटकाल में यह देखा गया था कि निजी स्कूल अपनी मनमानी पर उतारू थे और अनाप सनाप फीस की वसूली अभिभावकों से कर रहे थे. कई स्कूलों ने जहां छात्रों को नोटिस दिए थे वहीं कुछ जगहों पर बेदखली की भी शिकायत मिली थी. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सूरत में निजी स्कूल स्कूली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित नहीं करेंगे.
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