जबलपुर हाईकोर्ट ने UP में ऑक्सीजन टैंकर रोकने पर केन्द्र को लगाई फटकार, दिया ये आदेश

हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में पिछले दिनों जारी 19 बिंदुओं के दिशा निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है.

हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में पिछले दिनों जारी 19 बिंदुओं के दिशा निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है.

15 मिनट की सुनवाई में हाईकोर्ट ने रेमडेसिविर इंजेक्शंस को लेकर मध्यप्रदेश में जारी कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाया है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने आदेश दिया है कि हो सके तो तत्काल ऐसे अपराधियों को जेल की हवा खिलाई जाए.

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जबलपुर. जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur high court) ने उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन  टैंकर्स (Oxygen Tankers) रोकने पर केन्द्र को फटकार लगायी है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन टैंकर्स रोकने जैसी घटना दोबारा ना हो. निर्बाध रूप से टैंकर्स का ट्रांसपोर्टेशन चलता रहे ये देखना केंद्र सरकार की ज़िम्मेदारी है.

बीते दिनों खबर आयी थी कि ऑक्सीजन लेकर मध्य प्रदेश आ रहे टैंकर्स को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मोदीनगर और झांसी में अफसरों ने रोक दिया था. इस वजह से एमपी के सैकड़ों कोरोना मरीजों को समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पाई थी. कोर्ट इन्हीं मामलों की सुनवाई कर रहा था. कोरोना संक्रमण को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जारी सुनवाई पर आज नई हस्तक्षेप याचिकाएं भी प्रस्तुत की गईं. इसमें पूर्व महाधिवक्ता आनंद मोहन माथुर ने हाईकोर्ट के समक्ष उत्तर प्रदेश में रोके गए ऑक्शन टैंकरों के मसले को उठाया था.

रेमडेसिविर की कालाबाज़ारी पर सख्त हो सरकार

सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में पिछले दिनों जारी 19 बिंदुओं के दिशा निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है. इस पर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि वह विस्तृत जवाब इस मसले पर पेश करे. 15 मिनट की सुनवाई में हाईकोर्ट ने रेमडेसिविर इंजेक्शंस को लेकर मध्यप्रदेश में जारी कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाया है. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने आदेश दिया है कि सरकार ऐसे मामलों में अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे. हो सके तो कार्रवाई करते हुए तत्काल ऐसे अपराधियों को जेल की हवा खिलाई जाए.


अगली सुनवाई 28 अप्रैल को

हाई कोर्ट ने इस मामले पर स्वत संज्ञान याचिका समेत अन्य याचिकाओं पर अब 28 अप्रैल को सुनवाई तय की है. जहां सबसे पहले कोरोना से बंधे इन तमाम मामलों पर हाई कोर्ट चीफ जस्टिस की बेंच सुनवाई करेगी.
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