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Jabalpur : साथी की मौत से गमगीन 'बलराम' हाथी ने गनेशा के पीठ में गपा दिये दांत...

राम-बलराम की जोड़ी बिछड़ गयी थी जब राम की करंट लगने से मौत हो गयी थी.
राम-बलराम की जोड़ी बिछड़ गयी थी जब राम की करंट लगने से मौत हो गयी थी.

हाथियों की ये जोड़ी राम-बलराम की थी. कुछ दिन पहले ये भटक कर जबलपुर की सीमा में प्रवेश कर गए थे. हाथियों की तस्वीर सामने आने के बाद वन अमला चौकस तो हुआ लेकिन एक हाथी की इस बीच मौत हो गई.

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जबलपुर.बीते दिनों जबलपुर (Jabalpur) के मोहास में अपने साथी हाथी की मौत के बाद लापता होने वाला हाथी (Elephant) मंडला पहुंच चुका है. उस हाथी को 2 दिन बाद मंडला जिले के बीजा डांडी और कालपी के जंगलों में भटकते हुए देखा गया था.उसके मंडला में होने का प्रमाण एक आदिवासी परिवार है जिसके एक सदस्य को उसने हमला कर घायल कर दिया है.

जबलपुर के मोहास में पिछले दिनों गांव वालों ने हाथी के उत्पात से बचने के लिए करंट फैला दिया था. उसकी चपेट में आकर एक हाथी मर गया था. जबकि दूसरा उसके बाद से लापता था. वन विभाग का अमला लगातार उसे ढूंढ़ने की कोशिश कर रहा था. सोमवार शाम करीब 6 बजे  मंडला वन के खारी सर्कल में भटके हुए हाथी के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा था. हाथी के मंडला पहुंचने के कई प्रमाण भी मिले हैं.उन्हीं में से एक मंडला जिले के बीजाडांडी का आदिवासी परिवार भी इसका गवाह है जो भटके हुए हाथी के हमले का शिकार हुआ है.

भैंस समझकर भगाया
बीजा डांडी में रहने वाला गणेशा कल रात जब अपने घर पर सोने की तैयारी कर रहा था तभी उसे आहट हुई कि खेत में रखी धान कोई जानवर खा रहा है. आहट होते ही गणेशा बाहर निकला तो उसे कोई काला बड़ा जानवर धान खाता दिखा. उसने भैंस समझकर जानवर को भगाने की कोशिश की. लेकिन जब वो जानवर के नज़दीक पहुंचे तो देखा कि वो भैंस नही बल्कि गजराज था. हाथी ने गणेशा पर हमला कर दिया. उसे सूंड मारकर पट दिया और गनेशा के गिरते ही उसकी पीठ में दांत मार दिए. उसी दौरान हाथी के पीछे कुत्ते लग गए और हाथी गणेशा को छोड़कर कुत्तों पर हमला करने के लिए पीछे मुड़ गया. हाथी के पलटते ही गनेशा उठा और जान बचाकर भागा.
साथी की मौत से विचलित


वन अधिकारी मान रहे हैं कि ये वही गजराज था जो  मोहास में अपने साथी की मौत के बाद वहां से भागा है. साथी की मौत के कारण वो विचलित है. घटना के बाद जबलपुर की मेडिकल अस्पताल पहुंचे गणेशा ने पूरे घटनाक्रम की आपबीती सुनाई. उन्होंने बताया कि घटना में अन्य दो साथी भी घायल हुए हैं.

राम-बलराम की जोड़ी
हाथियों की ये जोड़ी राम-बलराम की थी. कुछ दिन पहले ये भटक कर जबलपुर की सीमा में प्रवेश कर गए थे. हाथियों की तस्वीर सामने आने के बाद वन अमला चौकस तो हुआ लेकिन एक हाथी की इस बीच मौत हो गई. घटना के बाद वन विभाग के अमले पर कई सवाल खड़े हुए थे. बाद में पता चला कि गांव वालों ने हाथियों के उत्पात से बचने के लिए गांव की बागड़ में करंट फैला दिया था, हाथी उसकी चपेट में आ गया था और उसकी मौत हो गयी थी. उसके बाद से वन अमला लगातार दूसरे हाथी की तलाश में जुटा हुआ है जो अब तक उसकी जद से बाहर है. बहरहाल जानकारी के मुताबिक भटका हुआ हाथी मंडला वन परिक्षेत्र में प्रवेश कर चुका है.
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