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GST और online बिजनेस के विरोध में भारत बंद का Jabalpur में दिखा असर

आज के भारत बंद को जबलपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स, महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स सहित सराफा एसोसिएशन ने समर्थन दिया था.

आज के भारत बंद को जबलपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स, महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स सहित सराफा एसोसिएशन ने समर्थन दिया था.

Jabalpur : व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सरकार अभी भी विचार नहीं करती है तो जीएसटी भरना भी बंद कर सकते हैं.

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जबलपुर.जीएसटी (GST) विसंगतियों के साथ ऑनलाइन व्यापार (Online trade) से परेशान होकर कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स कैट ने आज भारत बंद का आव्हान किया था.जबलपुर में भी इस बंद का खासा असर देखने को मिला.कैट के बुलाए इस बंद के आव्हान को तमाम व्यापारिक संगठनों का समर्थन मिला. जबलपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स, महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स सहित सराफा एसोसिएशन ने अपने व्यापार बंद रखे और बंद को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया.

व्यापारियों का यह बंद बीते 4 वर्षों में जीएसटी में करीब 937 संशोधनों के विरोध में किया गया था.विरोध इस बात का है कि इसमें किसी भी संशोधन के दौरान व्यापारियों से किसी भी विषय पर बातचीत नहीं की गई.साथ ही जीएसटी फाइल करने के दौरान व्यापारियों को आने वाली परेशानियों को जानने का प्रयास भी सरकार की ओर से नहीं किया गया.व्यापारियों का कहना है व्यापारी इस देश का वह करदाता है जो देश की जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देता है. व्यापारी सिर्फ खुद व्यापार नहीं करता बल्कि देश के 45 करोड़ कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को भी रोजगार देता है. ऐसे में आज एक दिवसीय भारत बंद उनका काम नहीं बल्कि मजबूरी हो गई है.

सरकार को चेतावनी
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सरकार अभी भी विचार नहीं करती है तो आने वाले वक्त में देशभर के व्यापारी आगे भी इसी तरह के कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे. यहां तक कि जीएसटी भरना भी बंद कर सकते हैं.
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