कोरोना कर्फ्यू में भी खुली हैं शराब की दुकानें, पीछे की खिड़की से धड़ल्ले से हो रही है बिक्री

पुलिस जब तक पहुंची, कर्मचारी दुकान बंद करके भाग चुके थे.

पुलिस जब तक पहुंची, कर्मचारी दुकान बंद करके भाग चुके थे.

Jabalpur. इसके उलट दूसरी तस्वीर ये भी है कि शहर में कहीं भी यदि किराना या अन्य किसी सामान की दुकान खुली दिखती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है.

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जबलपुर. जबलपुर में कोरोना कर्फ्यू (Corona curfew) यानि लॉक डाउन यानि के कारण भले ही सभी प्रकार की दुकानें बंद हैं लेकिन सुरा प्रेमियों के फिर भी मज़े हैं. शराब की दुकानें (Wine shops) खुली हुई हैं और शराब प्रेमियों को धड़ल्ले से शराब उपलब्ध करवाई जा रही है.

जबलपुर का विजय नगर हो या माढ़ोताल इलाका. सभी जगह शराब माफिया पुलिस की नाक के नीचे अपना धंधा चला रहे हैं. सामने से दुकानें बंद होने का दिखावा करके पीछे की खिड़की से शराब बेची जा रही है. ऐसे ही चोरी छुपे शराब बेचने के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं.

वीडियो दे रहा है गवाही

ये वीडियो माढ़ोताल थाने के सामने स्थित शराब दुकान का है जो सामने से बंद है. लेकिन इसके पीछे की दीवार में बनी छोटी सी खिड़की से शराब प्रेमी शराब खरीद रहे हैं. पुलिस और प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए बाकायदा दुकान के सामने का शटर बंद रखा जाता है. लेकिन दुकान के अंदर कर्मचारी मौजूद रहते हैं. माढ़ोताल स्थित अंग्रेजी एवं देसी शराब दुकान दोनों ही लॉक डाउन में भी गुलजार हैं. पुलिस की नाक के नीचे धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है.
फिल्मी स्टाइल में दुकान बंद होने के बाद पहुंची पुलिस

माढ़ोताल का वीडियो सामने आने के बाद थाना प्रभारी रीना पांडे स्टाफ को लेकर शराब दुकानों का निरीक्षण करने पहुंचीं, लेकिन तब तक वहां के ग्राहक और शराब बेचने वाले भाग चुके थे. इन तस्वीरों को देखने के बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि चप्पे चप्पे पर नजर रखने का दावा करने वाली पुलिस की आंखों के सामने ही लॉक डाउन का उल्लंघन किया जा रहा है.




बाकी दुकानों पर सख्ती

इसके उलट दूसरी तस्वीर ये भी है कि शहर में कहीं भी यदि किराना या अन्य किसी सामान की दुकान खुली दिखती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है. शराब विक्रेताओं की ओर से आंखें बंद रखने वाली पुलिस अन्य दुकानों पर न सिर्फ चलानी कार्रवाई कर रही है बल्कि उनका सामान जब्त कर दुकानें सील भी कर दी जाती हैं. पुलिस और जिला प्रशासन के इस दोहरे मापदंड समझ के परे हैं.

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