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अवैध रेत खनन को लेकर कांग्रेस की 15 फरवरी से नर्मदा बचाओ यात्रा

अवैध रेत खनन को लेकर कांग्रेस की 15 फरवरी से नर्मदा बचाओ यात्रा

मध्य प्रदेश सरकार एक और नर्मदा नदी में हो रहे प्रदूषण के खिलाफ और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये नर्मदा सेवा यात्रा निकाल रही है. वहीं कांग्रेस ने नर्मदा नदी से होने वाले अवैध रेत खनन के मुद्दे को लेकर 15 फरवरी से ‘नर्मदा बचाओ यात्रा’ शुरू करने का एलान किया है.

मध्य प्रदेश सरकार एक और नर्मदा नदी में हो रहे प्रदूषण के खिलाफ और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये नर्मदा सेवा यात्रा निकाल रही है. वहीं कांग्रेस ने नर्मदा नदी से होने वाले अवैध रेत खनन के मुद्दे को लेकर 15 फरवरी से ‘नर्मदा बचाओ यात्रा’ शुरू करने का एलान किया है.

मध्य प्रदेश सरकार एक और नर्मदा नदी में हो रहे प्रदूषण के खिलाफ और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये नर्मदा सेवा यात्रा निकाल रही है. वहीं कांग्रेस ने नर्मदा नदी से होने वाले अवैध रेत खनन के मुद्दे को लेकर 15 फरवरी से ‘नर्मदा बचाओ यात्रा’ शुरू करने का एलान किया है.

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    मध्य प्रदेश सरकार एक और नर्मदा नदी में हो रहे प्रदूषण के खिलाफ और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये नर्मदा सेवा यात्रा निकाल रही है. वहीं कांग्रेस ने नर्मदा नदी से होने वाले अवैध रेत खनन के मुद्दे को लेकर 15 फरवरी से ‘नर्मदा बचाओ यात्रा’ शुरू करने का एलान किया है.

    युवक कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और कांग्रेस नेता संजय यादव ने जबलपुर में संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम 15 फरवरी से बरगी से नर्मदा बचाओ यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं क्योंकि बरगी वह स्थान है जहां से नर्मदा नदी में अवैध रेत खनन की शुरूआत होती है. इस यात्रा के माध्यम से हम लोगों को सदा प्रवाहित रहने वाली नर्मदा नदी में हो रहे अवैध रेत खनन की जानकारी लोगों को देंगे.’’

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नर्मदा सेवा यात्रा दरअसल नर्मदा सर्वे यात्रा है तथा इसका उद्देश्य अवैध रेत खनन के नये स्थानों का सर्वेक्षण कर पता लगाना है. यादव ने कहा, ‘‘नर्मदा सेवा यात्रा में रेत माफिया के लोग नर्मदा किनारे यात्रा कर यह जानकारी हासिल कर रहे हैं कि नर्मदा में कहां-कहां अवैध रेत खनन किया जा सकता है.’’

    यादव ने बताया कि 15 दिवसीय नर्मदा बचाओ यात्रा बरगी से शुरू होकर 100 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद जबलपुर जिले में बरगी में ही समाप्त होगी.

    वहीं, नर्मदा सेवा यात्रा नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से 11 दिसंबर को शुरू की गई थी. यात्रा नर्मदा नदी के दक्षिणी किनारे पर 1831 किलोमीटर की दूरी तय कर 548 कस्बों और गांवों से तथा इसके उत्तरी किनारे पर 1531 किलोमीटर की दूरी तय कर 556 कस्बों और गांवों से होकर गुजरेगी.

    इस प्रकार यह यात्रा 144 दिनों में कुल 3,344 किलोमीटर की दूरी तय करेगी तथा इसका अधिकांश हिस्सा पैदल यात्रा से पूरा किया जायेगा. यात्रा का समापन आगामी 11 मई को होगा.

    Tags: Narmada River

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