गैलेक्सी हॉस्पिटल कांड: कमलनाथ ने उठाए सवाल, आरोप और पलटवार के बीच जानिए कहां पहुंची सियासत

जबलपुर के गैलेक्सी हॉस्पिटल कांड पर सियासत शुरू हो गई है. (सांकेतिक तस्वीर)

जबलपुर के गैलेक्सी हॉस्पिटल कांड पर सियासत शुरू हो गई है. (सांकेतिक तस्वीर)

Jabalpur galaxy Hospital case: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ-साथ पूर्व मंत्री लघन घनघोरिया ने भी प्रशासन को घेरा. कांग्रेस नेताओं के सवाल पर बीजेपी के सांसद राकेश सिंह ने किया पलटवार.

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जबलपुर. जबलपुर में 22 अप्रैल को हुए गैलेक्सी हॉस्पिटल कांड पर सियासत तेज हो गई है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने जहां इस मामले पर लगातार ट्वीट किए तो वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री लघन घनघोरिया ने प्रशासन को घेरा है. इस पर भाजपा के सांसद राकेश सिंह ने पलटवार किया है.

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मामले को लेकर एक के बाद एक लगातार तीन ट्वीट किए. उन्होंने लिखा- ‘जबलपुर के गैलेक्सी अस्पताल में 5 मरीज़ों की दुखद मौत के बाद 24 घंटे में जांच कर रिपोर्ट देने की बात कही गई थी, लेकिन 16 दिन बीतने के बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है. यह एक गम्भीर लापरवाही है, मृतक के परिजन न्याय मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं?’

गैलेक्सी ने रेड क्रॉस को दिया 25 लाख का दान- कमलनाथ

पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट में लिखा ‘यह जानकारी भी सामने आई है कि अस्पताल ने रेड क्रॉस सोसायटी के माध्यम से 25 लाख रुपए का दान भी दिया है. यह संस्था सीधे कलेक्टर के दायरे में आती है, ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस अस्पताल के ख़िलाफ़ 5 लोगों की मौत की जांच चल रही है, उससे दान की यह रकम किन परिस्थितियों में व किस कारण से ली गई? सवाल यह भी है कि जब जांच चल रही है उसी समय यह दान देना और लेना कितना पारदर्शी है कहीं यह दान के रूप में प्रशासन को दी गई रिश्वत तो नहीं?’

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सिटी अस्पताल ने भी दिए 11 लाख

पूर्व मुख्यमंत्री के उठाए गए इस मामले के बारे में एक प्रेस विज्ञप्ति भी सामने आई है. इसमें गैलेक्सी अस्पताल के किए दान की रकम का ज़िक्र है. इसमें रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में सिटी अस्पताल का नाम भी दिया गया है. गैलेक्सी हॉस्पिटल ने जहां 25 लाख रुपए का दान दिया, तो वहीं सिटी अस्पताल ने 11 लाख रुपए का दान दिया. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जिन अस्पताल और संचालकों के खिलाफ जांच चल रही है उनसे एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा दान लेना सवालों के घेरे में आता है.



प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप

इस मामले में जबलपुर से कांग्रेस विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री लखन घनघोरिया ने भी जिला प्रशासन को आड़े हाथ लिया है. उनका कहना है कि आपदा में अवसर के वक्त पहले जांच में लेट-लतीफी. उसके बाद नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में आरोपी बनाए गए व्यक्ति से दान लेना, यह विधि के विपरीत है. लखन घनघोरिया ने ये बड़ा आरोप भी लगाया कि जब 25 लाख रुपए जैसी बड़ी रकम रेड क्रॉस में जमा करवाई जा सकती है तो ऐसे में प्रशासन ने अपनी जेब में कितना डाला होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.

राकेश सिंह का पलटवार

पूर्व कैबिनेट मंत्री लखन घनघोरिया द्वारा लगाए गए आरोपों पर जबलपुर सांसद राकेश सिंह ने पलटवार किया है. सिंह का कहना है कि कमलनाथ को आरोप लगाने के अलावा आता ही क्या है? कमलनाथ जवाब दें कि इस आपदा की घड़ी में उन्होंने कितना दान किया है, और कितना काम किया है. इसके बाद वे दूसरों पर आरोप लगाएं. हालांकि गैलेक्सी हॉस्पिटल मामले की जांच को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन को जिम्मेदार माना है. उनका यह भी कहना है कि यह लेटलतीफी की वजह जो भी हो लेकिन इसके लिए जिम्मेदार जिला प्रशासन है. उन्होंने यह साफ किया है कि दोषी कोई भी हो किसी को छोड़ा नहीं जाएगा.

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