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MP heritage wine policy: गोवा की फेनी की तर्ज पर एमपी में महुआ शराब को मिलेगा हेरीटेज का दर्जा

MP heritage wine policy: गोवा की फेनी की तर्ज पर एमपी में महुआ शराब को मिलेगा हेरीटेज का दर्जा

मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह ने महुआ और ताड़ी शराब को हैरिटेज शराब बनाकर आदिवासियों की आय बढ़ाने की बात कही है.

मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह ने महुआ और ताड़ी शराब को हैरिटेज शराब बनाकर आदिवासियों की आय बढ़ाने की बात कही है.

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार (BJP Government) ने राज्य में ताड़ी और महुआ की शराब को हैरिटेज शराब का दर्जा देने का निर्णय लिया है. शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जबलपुर में इस संबंध में मीडिया से चर्चा की. गोविंद सिंह ने कहा कि ताड़ी और महुआ की शराब बनाकर आदिवासी लाखों रुपये कमा सकते हैं.

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जबलपुर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) जहां एक ओर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की बात कह रही हैं. इस मांग के विपरित सरकार ने महुआ और ताड़ी के शराब को हैरिटेज शराब का दर्जा दिया है. इतना ही नहीं वर्तमान बीजेपी सरकार आदिवासियों (Tribals) से खुलेआम महुआ की शराब और ताड़ी बिकवाने की बात कर है. कांग्रेस नेताओं ने इसको लेकर सरकार पर निशाना साधा है. हालांकि शिवराज सिंह चौहान (Sivraj Singh Chauhan) कैबिनेट में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तो खुलकर उनके इस फैसले के साथ आ गए हैं. गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि गोवा की फैनी की तरह ही ताड़ी और महुआ को मध्य प्रदेश में हेरिटेज शराब का दर्जा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शराब बेचकर आदिवासी लाखों रुपये कमा सकते हैं.

कांग्रेस के महंगाई के खिलाफ मिस्ड कॉल अभियान पर कटाक्ष करते हुए गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कमलनाथ यदि पंद्रह माह के कार्यकाल में अपने विधायको-मंत्रियो को कॉल करने की सुविधा दे देते तो आज ये स्थिति न आती. कांग्रेस के दिग्गज नेताओं तक के लिए उनके घर के दरवाजे बंद रहते थे. परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 15 महीने की सरकार में तो कमलनाथ को किसी से मिलने का वक्त नहीं था.

मंत्रियों से भी नहीं मिलते थे कमलनाथ
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि आम जनता, विधायकों को तो छोड़िए मंत्रियों से भी मिलने का वक्त कमलनाथ के पास नहीं रहता था. कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को तो 15 महीने तक सीएम हाउस में दर्शन तक नहीं होते थे. यही नतीजा है कि आज कांग्रेस से कोई मिलना भी नहीं चाह रहा है. यह टोल फ्री नंबर अगर तब जारी हो जाता तो शायद कांग्रेस की ऐसी स्थिति ना होती. मंत्री ने ताड़ी और महुआ शराब को लेकर कहा कि इससे न सिर्फ राज्य सरकार का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिवासियों को भी अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है. वे ताड़ी व महुआ शराब बनाकर लाखों रुपयों की आय कर सकते हैं. सरकार इस ओर पहल कर रही है.

Tags: Madhya pradesh news, New Liquor Policy

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