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MP के एक IAS अफसर के पिता गृहस्थ जीवन छोड़कर संत बने, पढ़िए भावुक कर देने वाली ये खबर

72 वर्षीय मल्ल कुमार जैन रिटायर्ड बैंक अफसर हैं.

72 वर्षीय मल्ल कुमार जैन रिटायर्ड बैंक अफसर हैं.

JABALPUR-मल्ल कुमार जैन ने दीक्षा लेने से पहले 72 वर्ष की उम्र में जिन-जिन के संपर्क में आए हैं उन सभी से क्षमा याचना की. फिर जैन समाज ने उन्हें दूल्हे के रूप में सजाकर शहर में उनकी बिनौरी यात्रा निकाली. इस अवसर पर समाज के महिला-पुरुषों ने उनकी गोद भराई की.

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जबलपुर. मध्य प्रदेश के एक IAS अफसर के पिता गृहस्थ जीवन छोड़कर अब जनकल्याण की ओर कदम रखने जा रहे हैं. वो संत बन गए हैं. ये IAS अफसर हैं मध्य प्रदेश 2005 कैडर के राहुल जैन. इनके पिता मल्ल कुमार जैन संत बन गए हैं. जबलपुर के दयोदय तीर्थ में चल रहे आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चातुर्मास के दौरान उन्होंने दीक्षा ली.

गृहस्थ और सांसारिक जीवन छोड़ने से पहले मल्ल कुमार जैन घर से दूल्हे की तरह विदा हुए. घर से इनकी विदाई इतने भव्य तरीके से की गई जिसमें उनका पूरा समाज और मोहल्ला उमड़ पड़ा. 72 वर्षीय मल्ल कुमार जैन अब गृहस्थ जीवन का त्याग कर गौ रक्षा ,गौ सेवा और सामाजिक कल्याण में अपना बचा हुआ जीवन अर्पित करेंगे.

आचार्य विद्यासागर ने दी दीक्षा
जबलपुर दयोदय तीर्थ में चल रहे आचार्य विद्यासागर के चातुर्मास उपलक्ष में दीक्षा समारोह आयोजित किया गया. लंबी तपस्या के बाद आचार्य विद्यासागर ने मल्ल कुमार जैन को दीक्षा देने के लिए हामी भरी. मल्ल कुमार जैन और उनका परिवार उत्सव के माहौल में डूब गया. परिवार से दूर जाने का गम तो उन्हें है लेकिन समाज सेवा का संतोष है. परिवार ने उन्हें खुशी-खुशी विदा किया.

बैंक से रिटायर्ड है मल्ल कुमार जैन
आईएएस अफसर राहुल जैन ने न्यूज़ 18 से बातचीत करते हुए अपने पिता के इस संकल्प की जानकारी दी. राहुल जैन ने बताया कि उनके पिता ने बैंक ऑफ इंडिया से रिटायर होने के बाद अपना जीवन आचार्य विद्यासागर की प्रेरणा से गायों को बचाने के लिए समर्पित कर दिया था. वो आचार्य की प्रेरणा से देशभर में चल रही गौशालाओं की देखरेख करने वाले वाले दयोदय महासंघ के अध्यक्ष रहे औऱ लाखों गायों की जान बचायी. गौरक्षा के साथ-साथ वो घर में रहकर भी सन्यासी जैसा जीवन जी रहे थे. उन्होंने कई बार अपने गुरू आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज से आग्रह किया था कि वे भी गुरू की तरह सब कुछ त्याग कर जैन संत बनना चाहते हैं. आचार्य विद्यासागर ने दो दिन पहले उन्हें क्षुल्लक दीक्षा देने  की मंजूरी दी. इसी के साथ उनके दीक्षा पूर्व के संस्कार शुरू हो गए.

दीक्षा से पहले क्षमा याचना
मल्ल कुमार जैन ने दीक्षा लेने से पहले 72 वर्ष की उम्र में जिन-जिन के संपर्क में आए हैं उन सभी से क्षमा याचना की. फिर जैन समाज ने उन्हें दूल्हे के रूप में सजाकर शहर में उनकी बिनौरी यात्रा निकाली. इस अवसर पर समाज के महिला-पुरुषों ने उनकी गोद भराई की. मल्ल कुमार जैन ने व्यक्तिगत रूप से और सामूहिक रूप से अपने परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रो और संपर्क में आए सभी लोगों से जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना की.

भावुक हुआ बेटा
आईएएस अफसर राहुल जैन अपने पिता के फैसले के बाद बेहद भावुक हैं. भले ही वह दयोदय तीर्थ में अपने पिता के दीक्षा समारोह में शामिल हुए लेकिन पल पल में उनकी आंखें अपने पिता से दूर होने के इस फैसले से नम हो जाती हैं.

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