दावा : कोरोना मरीज़ों का एडस् की एंटी वायरल दवा से इलाज, पढ़िए ये दिलचस्प खबर

जबलपुर में कोरोना के कुल 5055 एक्टिव केस बचे हैं. इनमें से होम आइसोलेशन में रह रहे पॉजिटिव मरीजों की संख्या 4056 है.  (सांकेतिक तस्वीर

जबलपुर में कोरोना के कुल 5055 एक्टिव केस बचे हैं. इनमें से होम आइसोलेशन में रह रहे पॉजिटिव मरीजों की संख्या 4056 है. (सांकेतिक तस्वीर

Jabalpur : जबलपुर में होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 पेशेंट्स को एड्स याने ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस के इलाज में उपयोग में लायी जाने वाली एंटीवायरल दवा जुडोवीडिन दी जा रही है. क्षे

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जबलपुर. कोविड-19 यानि कोरोना का अब तक दुनिया भर में स्पष्ट तौर पर कोई इलाज या दवा नहीं निकल पायी है. संभावनाओं के आधार पर एंटीवायरल दवाओं के दम पर फिलहाल दुनिया भर में इसका इलाज जारी है. कोरोना (Corona) की वैक्सीन तो आ गई है लेकिन फिर भी संक्रमण फिलहाल बेकाबू है. इस बीच प्रयोग जारी है. घरेलू नुस्खों से लेकर विदेशी दवाई तक सबके इस्तेमाल के अपने अपने दावे हैं. इस बीच जबलपुर के कुछ डॉक्टर्स ने एड्स की दवा से कोरोना के इलाज का दावा किया है. ये सिर्फ दावा भर है कोई ठोस वादा नहीं है.

जबलपुर में होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 पेशेंट्स को एड्स याने ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस के इलाज में उपयोग में लायी जाने वाली एंटीवायरल दवा जुडोवीडिन दी जा रही है. क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक डॉ संजय मिश्रा के मुताबिक एक आम अवधारणा यह है कि कोई भी एंटीवायरल दवा किसी भी वायरस पर कुछ हद तक काम करती है. ऐसे में कोरोना संक्रमितों में एड्स की एंटीवायरल दवा ने असर दिखाया है.

डॉ मिश्रा कहते हैं बेशक कुछ चिकित्सक होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को इस दवा की सलाह दे रहे हैं और अब तक इसके अच्छे परिणाम भी सामने आए हैं लेकिन इसके आधार पर हम ये नहीं कह सकते कि कि एडस की एन्टी वायरल दवा से ही कोरोना से बचा जा सकता है. प्रयोग के तौर पर जिन 200 से ज्यादा मरीजों पर इसका इस्तेमाल किया गया वो सब ठीक हो चुके हैं.


ये सिर्फ प्रयोग है

आंकड़ों पर अगर गौर करें तो फिलहाल जबलपुर में कोरोना के कुल 5055 एक्टिव केस बचे हैं. इनमें से होम आइसोलेशन में रह रहे पॉजिटिव मरीजों की संख्या 4056 है. सिर्फ 999 मरीज ही अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं. समझ सकते हैं कि होम आइसोलेशन में ही मरीज खुद को स्वस्थ करने में ज्यादा बेहतर समझते हैं. और चिकित्सक भी होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों पर इस प्रकार के प्रयोग कर रहे हैं.

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