होम /न्यूज /मध्य प्रदेश /‘शुक्रिया भाईजान, अल्लाह आपको सलामत रखें’; नवरात्रि पर एक मां की दुआओं से भरी दिल छू लेने वाली खबर

‘शुक्रिया भाईजान, अल्लाह आपको सलामत रखें’; नवरात्रि पर एक मां की दुआओं से भरी दिल छू लेने वाली खबर

Jabalpur News. 108 एंबुलेंस के पायलट याकूब खान अब तक कई महिलाओं की एंबुलेंस में डिलीवरी करवा चुके हैं.

Jabalpur News. 108 एंबुलेंस के पायलट याकूब खान अब तक कई महिलाओं की एंबुलेंस में डिलीवरी करवा चुके हैं.

Good News: रांझी सिविल अस्पताल में तैनात 108 एंबुलेंस के पायलट मोहम्मद याकूब के पास सूचना आई कि सुंदरपुर के पास आदिवासी ...अधिक पढ़ें

जबलपुर. नवरात्रि सुबह का इंतजार कर रही थी. इस बीच प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक मां ने एंबुलेंस 108 में बच्ची को जन्म दिया. एंबुलेंस पायलट याकूब खान ने आशा कार्यकर्ता की मदद से बीच रास्ते में डिलीवरी करवाई. जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. जान आफत में पड़ने के बाद स्वस्थ बच्ची का जन्म होने पर इस मां ने याकूब खान को दुआ दी, बोली -अल्लाह आपको सलामत रखे.

ये मार्मिक घटना जबलपुर के रांझी इलाके की है. यहां धरहर गांव से एक गर्भवती महिला डिलीवरी के लिए 108 एम्बुंलेंस में रांझी अस्पताल आ रही थी. प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला अस्पताल तक पहुंचने की स्थिति में नहीं थी. उसकी रास्ते में ही डिलीवरी की नौबत आ गयी. अब क्या करते. एंबुलेंस में कोई डॉक्टर तो थी नहीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने का इंतजार करते तो महिला की जान पर खतरा था. ऐसे में याकूब खान और उनके साथ की आशा कार्यकर्ता फरिश्ता बन गए.

ऐसे हुआ बच्ची का जन्म
रांझी सिविल अस्पताल में तैनात 108 एंबुलेंस के पायलट मोहम्मद याकूब के पास सूचना आई कि सुंदरपुर के पास आदिवासी बाहुल्य गांव धरहर में एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है. वो फौरन आशा कार्यकर्ता संगीता को लेकर धरहर गांव पहुंचे. वहां से गर्भवती महिला को लेकर वो फौरन अस्पताल के लिए रवाना हुए, लेकिन जैसे ही गांव से बाहर निकले महिला को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी. याकूब और आशा कार्यकर्ता संगीता ने समझदारी दिखाई. दोनों ने वहीं रास्ते में ही महिला की डिलीवरी कराने का फैसला किया. दोनों ने महिला की डिलीवरी करवाई. डिलीवरी सही सलामत हो गयी. महिला ने बच्ची को जन्म दिया. जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं.

ये भी पढ़ें- नवरात्रि : दो बहनों का वास देवास जहां दिन में 3 रूप बदलती हैं देवी, सती के अंग यहां गिरे थे…
भावुक हो गयी मां
बच्ची को देखते ही महिला भावुक हो गयी. उसने संगीता और याकूब खान दोनों को दिल से दुआ दी. महिला बोली- “भाई जान शुक्रिया, अल्लाह आप दोनों को सलामत रखें.” महिला का सुरक्षित प्रसव करवाने के बाद याकूब औऱ संगीता उसे रांझी सिविल अस्पताल लेकर आए औऱ वहां महिला को भर्ती करवाया. पायलट मोहम्मद याकूब ने बताया “वह 10 साल से 108 एंबुलेंस चला रहे हैं. इस मर्तबा कई बार ऐसा समय भी आया, जब महिलाओं का गाड़ी में ही प्रसव करवाना पड़ा. आज भी कुछ इस तरह का मंजर सामने आ गया, जब आशा कार्यकर्ता के साथ मिलकर रास्ते में ही डिलीवरी करवानी पड़ी.”

Tags: 108 ambulance, Jabalpur news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें