मां नर्मदा के आंचल से ये महिला योगी दे रही हैं योग से निरोग होने का संदेश, अनोखी है इनकी कहानी

जबलपुर में योग गुरु लड़की दे रहीं योग से निरोग रहने का संदेश.

आज पूरा विश्व योग से निरोग होने की कला सीखना चाहता है. योग को आज ना केवल भारत बल्कि दुनिया भर के सैकड़ों देशों में अपनाया गया है. जबलपुर की एक महिला योगी भी अपने योग के जरिये विश्व को निरोग रहने का संदेश दे रही हैं.

  • Share this:
जबलपुर. योग से निरोग होने की तपस्या में आज पूरा विश्व अग्रसर है. ना केवल भारत बल्कि योग को आज दुनिया भर के सैकड़ों देश अपना रहे हैं बल्कि अब उसे अपनाकर अपनी दैनिक जीवन कार्यशैली में भी शामिल कर चुके हैं. मां नर्मदा किनारे बसी संस्कारधानी जबलपुर में भी कहने को योग करने वाले लाखों लोग हैं, लेकिन 21 साल की गंगा चक्रवर्ती मां नर्मदा की गोद में ही रोजाना योगा करती हैं, जो नर्मदा स्वच्छता और उसके संरक्षण की दिशा में भी अनोखा संदेश दे रही हैं, साथ ही योग से निरोग होने का संदेश भी दुनिया को दे रही हैं.

गंगा चक्रवर्ती मां नर्मदा में पानी के अंदर घुसकर योग के विभिन्न आसनों को करती हैं. हर कोई अमूमन योग करने के लिए मुख्य रूप से खुद को स्वस्थ रखना ही ज्यादा अहम समझता है, लेकिन गंगा का मकसद मां नर्मदा में योग कर निरोगी होने का नहीं बल्कि मां की स्वच्छता और उसके आंचल को स्वच्छ रखना भी है. यही वजह है कि गंगा निरंतर 7 सालों से योग के विभिन्न आसनों को मां नर्मदा में करती हैं.

सूर्य नमस्का, चंद्र नमस्कार और विभिन्न आसनों के माध्यम से गंगा नर्मदा तट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी यह संदेश देती हैं कि जल स्वच्छ है निर्मल है तो ही जीवन है. जिस तरह योग करके हम खुद को निरोगी रख सकते हैं, उसी तरह मां नर्मदा का आंचल भी स्वच्छ रखते हुए हम जीवनदायिनी के के मूल अर्थ को समझ सकते हैं. बेशक मां नर्मदा को संरक्षित करने में गंगा जैसे कई श्रद्धालु और भक्त मौजूद हैं, लेकिन योग कर इस संदेश को फैलाना अपने  प्रकार का सबसे अलग तरीका है. विश्व योग दिवस पर भी गंगा अपनी निरंतर योग क्रियाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं, भक्तों और समाज को यह संदेश देना चाहती हैं कि मां नर्मदा की कल-कल धरा को बचाए रखें.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.