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Jabalpur News: सेंट्रल जेल में 4 साल सजा काटने के बाद घर जाएगा जॉनसन, 1.25 लाख रुपये प्रतिमाह खर्चा था इसका

जबलपुल में सेंट्रल जेल में बंद नाइजीरिया का जॉनसन 4 साल बाद वतन वापसी कर रहा है.

जबलपुल में सेंट्रल जेल में बंद नाइजीरिया का जॉनसन 4 साल बाद वतन वापसी कर रहा है.

Madhya Pradesh: नाइजीरिया का जॉनसन पिछले 4 सालों से जबलपुर की जेल में बंद था. उसे नकली दस्तावेजों के साथ जबलपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. 4 साल बाद अपने घर लौट रहा है. नाइजीरियन युवक की वतन वापसी के लिए जबलपुर पुलिस ने काफी मेहनत की है.

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जबलपुर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) स्थित सेंट्रल जेल में सजा काट रहा नाइजीरियन युवक आखिरकार 4 साल बाद अपने घर लौट रहा है. नाइजीरियन युवक की वतन वापसी के लिए जबलपुर पुलिस ने दूतावास से मदद मांगी थी. उसका नया पासपोर्ट  बलपुर पुलिस के पास आ चुका है. वह मुंबई से फ्लाइट द्वारा नाइजीरिया जाएगा. चार साल पहले जॉनसन को फर्जी दस्तावेज के साथ जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था.

खमरिया पुलिस ने उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था. इसी साल मई में जॉनसन की सजा  खत्म हो गई. उसका पासपोर्ट न होने की वजह से उसे सिविल लाइन पुलिस थाने में ही एक कमरे में सुरक्षा के बीच रखा गया. जॉनसन के रहने, खाने और सुरक्षा पर लगभग सवा लाख रुपये प्रति महीने का खर्च आता था. इस खर्च का जबलपुर पुलिस उठा रही थी. वह बुधवार को मुंबई के लिए ट्रेन से रवाना होगा. वहां से उसे नाइजीरिया भेज दिया जाएगा.

इस हालत में मिला था आरोपी

गौरतलब है कि साल 2017 में 35 साल के जॉनसन ऊनू ने डुमना एयरपोर्ट पर लैंड किया था. एयरपोर्ट अधिकारियों को वह संदिग्ध लगा. उसके बाद जब जॉनसन की जांच की गई तो उसका पासपोर्ट और वीजा नकली था. खमरिया थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करने के साथ ही फॉरेनर एक्ट का मामला दर्ज किया गया. कोर्ट से उसे चार साल की सजा सुनाई गई. सजा काटकर वह 12 मई को सेंट्रल जेल से रिहा हुआ. कोर्ट ने आदेश दिया था कि सजा पूरी होने के बाद जॉनसन की वतन वापसी कराई जाए. तब तक उसे डिटेंशन सेंटर में रखा जाए.

किसी वीआईपी से कम सुरक्षा नहीं

हाई कोर्ट में उसका पासपोर्ट जमा था. पासपोर्ट निकलवाने और दूतावास से नया वीजा बनवाने की प्रक्रिया पूरी होने में करीब चार महीनों का वक्त लगा. सिविल लाइंस थाना पुलिस और जबलपुर के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने दूतावास से संपर्क कर उसके लिए पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की थी, लेकिन जॉनसन की पूरी डिटेल मिलने में काफी परेशानी हुई. जॉनसन की सुरक्षा किसी वीआईपी से कम नहीं थी. सिविल लाइन थाने के एक कमरे में उसके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई. पुलिस लाइन से तीन सुरक्षा का गार्ड एक के बाद शिफ्ट में उसके साथ रहते थे. जॉनसन नॉन वेजिटेरियन है इसलिए उसे हर दिन दोनों टाइम नॉनवेज उपलब्ध कराया जाता है. चार साल की सजा काटकर सेंट्रल जेल से बाहर निकला जॉनसन हिंदी भाषा बोलने व समझने लगा है. वह हाथ जोड़कर पुलिस जवानों से नमस्ते करता है.

मेडिकल टूरिज्म वीजा पर आया था भारत

जानकारी के मुताबिक, उसकी नाक से खून बहता था. इसका इलाज कराने वह सात मई 2014 में मेडिकल टूरिज्म वीजा लेकर भारत आया था. मुंबई में उसने इलाज कराया और उसी दौरान नाइजीरिया के कुछ नागरिकों से उसकी मुलाकात हो गई. उनके साथ मिलकर वह दवा का कारोबार करने लगा. इस बीच उसका वीजा खत्म हो गया और किसी एजेंट के जरिए उसने अपना वीजा एक्सटेंड करवाया और हिंदुस्तान में ही रहा. जॉनसन का एक दोस्त कटनी में रहता था. साल 2017 में ट्रेन से वह दोस्त से मिलने आया था.

वापसी में डुमना एयरपोर्ट से वह मुम्बई जाने के लिए निकला था. डुमना एयरपोर्ट पर पुलिस ने उसके पासपोर्ट व वीजा की जांच की. दोनों दस्तावेजों पर ओवरराइटिंग मिलने पर पुलिस को संदेह हुआ. उसे हिरासत में लेकर पुलिस ने दूतावास संपर्क किया तो पता चला कि उसकी वीजा अवधि समाप्त हो चुकी है. इसके बाद उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. बहरहाल अब जबलपुर पुलिस द्वारा उसकी वापसी का पूरा इंतजाम किया गया है. बुधवार की रात जॉनसन ट्रेन से मुंबई रवाना हो रहा है और उसके साथ जबलपुर पुलिस भी उसे मुंबई एयरपोर्ट तक छोड़ने जाएगी. इसके बाद मुंबई से उसे नाइजीरिया भेजा जाएगा.

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