आतंकवाद एक्सपोर्ट करना बंद करे पाकिस्तान, नहीं तो बूंद-बूंद के लिए तरसा देंगे : गडकरी

यूपी मे कल दिए गए अपने बयान को जबलपुर में भी दोहराते हुए उन्होने व्यास, रावी और सतलज के अलावा झेलम, इंडस और चिनाब नदी का पानी भी रोक देने की बात कही.

Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 23, 2019, 12:29 PM IST
Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 23, 2019, 12:29 PM IST
पाकिस्तान आतंकवाद एक्सपोर्ट करना बंद कर दे वरना उसे एक-एक बूंद पानी के लिए तरसा दिया जाएगा. पाकिस्तान को ललकारते हुए ये बयान केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जबलपुर मे आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में दिया. पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए गडकरी ने एक बार फिर सिंधु जल संधि का जिक्र किया. यूपी मे कल दिए गए अपने बयान को दोहराते हुए उन्होने व्यास, रावी और सतलज के अलावा झेलम, इंडस और चिनाब नदी का पानी भी रोक देने की बात कही. इसके साथ ही जबलपुर के विकास के लिए केंद्रीय मंत्री ने करीब 5 हज़ार करोड़ की योजनाओ की सौगात दी.

जबलपुर पहुंचे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर का भूमिपूजन किया. गडकरी ने 1500 करोड़ की लागत की रिंग रोड समेत जबलपुर से बिलासपुर फोर लेन सड़क की सिद्धांतिक स्वीकृति भी दी है. इस लिहाज़ से जबलपुर को एक ही दिन में गड़करी ने 5 हज़ार करोड़ की सौगात दी. भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद केन्द्रीय मंत्री गडकरी जबलपुर संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ता सम्मेलन मे भी पहुंचे.

केन्द्रीय मंत्री ने दावोस दौरे के दौरान ऑस्ट्रिया मे चल रही स्काईबस की संभावनाओ को मध्यप्रदेश में भी तराशा. कार्यकर्ता सम्मेलन में जबलपुर जिले के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रस्ताव तैयार करने की बात कही. कम इंधन में बेहतर यातायात के लिए उपयोगी स्काईबस के लिए उन्होंने देश के अनेक शहरों को डीपीआर बनाने के लिए कहा है. वहीं जबलपुर के लिए भी उन्होने इस आधुनिक तकनीक को अपनाने की बात कही.

रोडवेज़ के अलावा जलमार्ग परिवहन को सस्ता परिवहन माध्यम मानते हुए गडकरी ने देश में इसे बढ़ावा देने की बात कही. शिवराज सरकार का हवाला देते हुए गडकरी ने कहा कि पूर्व शिवराज सरकार इस योजना का प्रस्ताव बनाने मे विफल रही है. जिस तरीके से नर्मदा मध्यप्रदेश में प्रवाहित होती है ऐसे में यहां भी पानी की जहाज चलाई जा सकती है. उन्होंने उत्तरप्रदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि किस ढंग से नदी के सहारे शिप से बांग्लादेश तक चीनी की सप्लाई की जाती है.

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First published: February 23, 2019, 11:51 AM IST
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