निजीकरण के खिलाफ पूरे देश की ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों में कामकाज ठप, नहीं बनेगा गोला-बारूद व हथियार

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 20, 2019, 3:04 PM IST
निजीकरण के खिलाफ पूरे देश की ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों में कामकाज ठप, नहीं बनेगा गोला-बारूद व हथियार
आजादी के बाद यह पहला मौका है जब देश के सभी सुरक्षा संस्थानों में एक महीने तक कामकाज ठप होगा.

आर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारियों ने इस बात पर हैरानी जताई कि केंद्र सरकार एक तरफ तो सेना को मजबूत करने के दावे कर रही है और दूसरी तरफ सुरक्षा संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है.

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मध्य प्रदेश में जबलपुर की आर्डिनेंस फैक्ट्री सहित सहित देशभर की तमाम आर्डिनेंस फैक्ट्रियों में आज से ताले लटक गए हैं. भारतीय सेना के लिए बम, गोला-बारूद, तोप सहित अन्य घातक हथियार बनाने वाली आर्डिनेंस फैक्ट्रियों में केंद्र सरकार के निगमीकरण के फैसले के खिलाफ आज से देशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है. सुरक्षा संस्थानों के कर्मचारी एक महीने तक चलने वाली इस हड़ताल के दौरान काम नहीं करेंगे और केंद्र सरकार के फैसले का विरोध करेंगे.

बता दें कि केंद्र सरकार ने देश की 41 आयुध बनाने वाली संस्थाओं को निगमीकरण के दायरे में लाने का प्रस्ताव पास किया है. जिसके खिलाफ लगातार आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं. गौरतलब है कि कर्मचारियों ने इस बाबत सरकार को कई बार इस ओर ध्यान दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो कर्मचारियों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया. जिससे जबलपुर आर्डिनेंस फैक्ट्री अन्य सुरक्षा संस्थानों में भी ताले लटक गए.



आर्डिनेंस फैक्ट्री को निजी हाथों में सौंपने का विरोध

जबलपुर आर्डिनेंस फैक्ट्री के गेट पर कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और निगमीकरण के प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की. गौरतलब है कि आजादी के बाद यह पहला मौका है जब देश के सभी सुरक्षा संस्थानों में एक महीने तक कामकाज ठप होगा. आर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारियों ने इस बात पर हैरानी जताई कि केंद्र सरकार एक तरफ तो सेना को मजबूत करने के दावे कर रही है और दूसरी तरफ सुरक्षा संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है. सरकार के इस फैसले से आक्रोशित कर्मचारियों ने इसे देश की सुरक्षा के लिए घातक बताया.

आजादी के बाद यह पहला मौका है जब देश के सभी सुरक्षा संस्थानों में एक महीने तक कामकाज ठप होगा.


गौरतलब है कि जबलपुर आर्डिनेंस फैक्ट्री के करीब आधा दर्जन संस्थानों में लाखों कर्मचारी काम करते हैं. कर्मचारियों का मानना है कि अगर सुरक्षा संस्थानों के निगमीकरण के फैसले पर अमल किया गया तो कर्मचारियों के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाएगी और जबलपुर के विकास की रफ्तार भी कम हो जाएगी.
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First published: August 20, 2019, 3:03 PM IST
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