• Home
  • »
  • News
  • »
  • madhya-pradesh
  • »
  • MP: ओटीटी प्लेटफॉर्म की अश्लीलता और पोर्न से परेशान एशिया पेसिफिक देश, कहा- नियंत्रण जरूरी

MP: ओटीटी प्लेटफॉर्म की अश्लीलता और पोर्न से परेशान एशिया पेसिफिक देश, कहा- नियंत्रण जरूरी

जबलपुर में एशिया पेसिफिक देशों का प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ. यहां ओटीटी प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर चर्चा हुई.

जबलपुर में एशिया पेसिफिक देशों का प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ. यहां ओटीटी प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर चर्चा हुई.

एशिया की सबसे बड़े दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र भारत रत्न भीमराव अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग सेंटर में एशिया पेसिफिक देशों के प्रतिनिधि प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए. इस दौरान सभी ने ओटीटी प्लेफॉर्म पर परोसे जा रहे कंटेंट और पोर्न वीडियो पर चिंता जाहिर की.

  • Share this:

जबलपुर. पूरा विश्व OTT प्लेटफॉर्म पर बढ़ रही अश्लीलता और पोर्न वीडियो से कितना परेशान है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सभी एशिया पेसिफिक देशों (Asia Pacific Countries) ने इस पर लगाम लगाने की मांग की है. ये सभी देश भारत रत्न भीमराव अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग सेंटर (BHARAT RATNA BHIM RAO AMBEDKAR INSTITUTE OF TELECOM TRAINING-BRBRAITT) में वर्चुअली जुड़े हैं. मौका है “लाइसेंस इन कन्वर्जेंट एनवायरमेंट“ विषय पर आयोजित साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का.

कार्यक्रम में मलेशिया, श्रीलंका, यूएई, भूटान सरकार के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. सभी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में एक साथ ये बात कही कि आज की इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के बढ़ते युग में OTT और सोशल मीडिया का बोलबाला है. लेकिन, इनमें न तो कोई लाइसेंस की प्रक्रिया है और न ही सरकार इन प्लेटफॉर्म्स में किसी भी तरह का नियंत्रण कर पाई है. एशियाई देशों में भी इस मसले को लेकर चिंतन-मनन की आवश्यकता है.

बड़ी चुनौती बन गया है अश्लील कंटेंट

कार्यक्रम में बताया गया कि हाल ही के वर्षों में इंटरनेट का इस्तेमाल टीवी प्रसारण के लिए भी हो रहा है. अमूमन हर ऑटीटी प्लेटफॉर्म पर बिना रोक-टोक के कई तरह के कंटेंट का प्रसारण हो रहा है. इस व्यवस्था से भारत समेत अन्य देशों में विकसित टेलीकॉम नेटवर्क और स्पेक्ट्रम का अलोकेशन चुनौतियों से जूझ रहा है. वहीं, इनके माध्यम से परोसा जा रहा अश्लीलता का कंटेंट भी युवा पीढ़ी के लिए अच्छा नहीं. ट्राई, दूरसंचार एवं टीसीसी के विशेषज्ञों ने अन्य कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए.

युवाओं की विचार शक्ति हो रही प्रभावित

विशेषज्ञों ने कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर परोसे जा रहे कंटेंट से युवा पीढ़ी को सबसे ज्यादा खतरा है. हमारी युवा पीढ़ी वैचारिक दिवालिएपन का शिकार हो सकती है. युवाओं पर विजुअल का जबर्दस्त असर होता है. इसलिए उन्हें पोर्न और खून-खराबे वाला कंटेंट अपनी ओर आकर्षित करता है. इनसे युवाओं के सोचने-समझने की शक्ति पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. कार्यक्रम के दौरान सभी ने माना कि ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर समझदारी भरा और युवाओं के व्यक्तित्व विकास करने वाला कंटेंट परोसा जाना चाहिए.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज