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विस्थापितों को मुफ्त आवास दिलाने के मामले में पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला को HC से मिली राहत
Jabalpur News in Hindi

Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 5, 2019, 11:29 AM IST
विस्थापितों को मुफ्त आवास दिलाने के मामले में पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला को HC से मिली राहत
निगम से मिले नोटिस के बाद HC पहुंचे विधायक राजेंद्र शुक्ला

बीजेपी सरकार (BJP Government) में मंत्री रह चुके राजेंद्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को फौरी तौर पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) हाईकोर्ट (High Court) से राहत मिल गई है.

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जबलपुर. बीजेपी सरकार (BJP Government) में मंत्री रह चुके राजेंद्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को फौरी तौर पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) हाईकोर्ट (High Court) से राहत मिल गई है. साथ ही हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त (Municipal commissioner) रीवा (Rewa) द्वारा जारी किए गए 4 करोड़ 94 लाख रुपए की वसूली के आदेश पर भी रोक लगा दी है. यह पूरा मामला साल 2013 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के दौरान विस्थापितों (Displaced) को मुफ्त आवास (Free accommodation) दिलाने को लेकर हुए नुकसान की भरपाई से जुड़ा है.

पूरा मामला

दरअसल, वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन मंत्री राजेंद्र शुक्ला द्वारा रानी तालाब और चूना भट्टा के विस्थापितों को ईडब्ल्यूएस क्वार्टर (Economically Weaker Section Quarter) में मुफ्त में काबिज होने का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद बिना मार्जिन मनी जमा किए सभी विस्थापित परिवार क्वाटरों में काबिज हो गए थे. इतना ही नहीं चुनाव प्रचार के दौरान विधायक राजेंद्र शुक्ला ने बाकायदा लिखित रूप से इसके पंपलेट भी बांटे थे. वहीं निर्माणाधीन क्वार्टरों (Quarters under construction) की तस्वीर भी उन पंपलेट में छपी हुई थी.

नगर निगम को हुआ था बड़ा नुकसान

पंपलेट में निर्माणाधीन भवन का छायाचित्र (Photo) प्रदर्शित होने के बाद विस्थापित परिवार सीधे क्वार्टर पर काबिज हो गए, जबकि नियम के तहत हर आवास पर 15000 की मार्जिन मनी जमा करनी थी. ऐसा नहीं करने से नगर निगम रीवा को 4 करोड़ 94 लाख 52 हज़ार रुपए का नुकसान हुआ.

निगम से मिले नोटिस के बाद HC पहुंचे विधायक राजेंद्र शुक्ला

लिहाजा, इसी नुकसान की भरपाई के लिए पूर्व मंत्री और विधायक राजेंद्र शुक्ला को निगम ने नोटिस जारी किया था. नोटिस मिलने के बाद विधायक राजेंद्र शुक्ला हाईकोर्ट की शरण में गए. सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से दलील पेश की गई कि नगर निगम आयुक्त वसूली का आदेश जारी करने के लिए सक्षम नहीं है. दलील के मद्देनजर अदालत ने रीवा नगर निगम समेत अन्य आवेदकों को नोटिस जारी करते हुए 6 हफ्ते में जवाब मांगा है.ये भी पढ़ें:- यूरिया को लेकर BJP-कांग्रेस में घमासान, शिवराज बोले- खाद दो या गिरफ्तार करो

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First published: December 5, 2019, 11:29 AM IST
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