Fake Remdesivir Case: मोखा ने कहा- ‘इंजेक्शन के नकली होने की नहीं थी जानकारी’, और क्या-क्या बोला आरोपी

रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वाले सरबजीत सिंह मोखा ने पुलिस को बयान दे दिया है.

रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वाले सरबजीत सिंह मोखा ने पुलिस को बयान दे दिया है.

Black Marketing of Remdesivir Injection: जबलपुर पुलिस को सिटी अस्पताल संचालक सरबजीत सिंह मोखा की रिमांड मिल गई है. मोखा ने पुलिस से कहा कि ‘उसे इंजेक्शन नकली होने की जानकारी नहीं थी.’ उससे पूछताछ में दो और राजदारों के नाम सामने आए हैं.

  • Last Updated: May 27, 2021, 11:49 AM IST
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जबलपुर. मध्य प्रदेश में नकली रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर हड़कंप मचाने वाले मुख्य आरोपी सिटी हास्पिटल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा (Main Accused Sarabjeet Singh Mokha) ने कई राज उगले हैं. उससे पूछताछ में बॉबी मनचंदा और संजू खत्री के नाम भी सामने आए हैं. दोनों मोखा परिवार के ख़ास राज़दार हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरबजीत ने पुलिस को बयान दिया है कि उसे इंजेक्शन नक़ली होने की जानकारी नहीं थी. जैसे ही मरीजों को रिएक्शन होने लगा तो इंजेक्शन नष्ट करवा दिए. मोखा ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि आरोपी सपन जैन ने उन्हें मिसगाइड किया.

डील देवेश और सपन के बीच हुई- मोखा

मोखा ने पुलिस से कहा- हमारे अस्पताल में एक प्रॉक्यरमेंट डिपार्टमेंट (Procurement Department) है. इस डिपार्टमेंट को देवेश चौरसिया चलाता था. जब कहीं भी इंजेक्शन नहीं मिले तो, देवेश ने दिलवाने की बात कही थी, मैंने हां बोला. पूरी डीलिंग देवेश और सपन के बीच हुई. हमने अभी तक सपन को पेमेंट नहीं किया है, चाहे तो आप सपन से पूछ लें. हॉस्पिटल और अपनी इमेज बचाने मैंने इंजेक्शन नष्ट किए.
कोरोना संक्रमित होने की वजह से पूछताछ टली थी

गौरतलब है कि बेटे के बाद सिटी अस्पताल का संचालक सरबजीत सिंह मोखा भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया था. पुलिस को बुधवार को उसकी 3 दिनों की रिमांड मिल गई. गिरफ्तारी के वक्त कोरोना संक्रमित होने की वजह से पुलिस सरबजीत सिंह नोखा से पूछताछ नहीं कर पाई थी और उसे सीधे जेल में कोविड बैरक में भेज दिया गया था. उसकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसे जिला अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने रिमांड की मांग की और अदालत ने 3 दिनों की रिमांड मंजूर कर दी है. इसके पहले मंगलवार को ही मुख्य आरोपी के बेटे हरकरण की 3 दिनों की रिमांड अदालत ने स्वीकृत की थी.

ये हे मामला- 500 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मंगवाए थे



गौरतलब है कि नकली रेमडेसिविर रैकेट (Fake Remdesivir Recket) में मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह मोखा पर अपने ही अस्पताल में भर्ती 171 मरीजों को 209 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने का आरोप लगा है. मोखा ने अपने करीबियों से 500 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन जबलपुर बुलवाए थे. अब तक इस मामले में सरबजीत सिंह मोखा, उनके बेटे हरकरण मोखा, उनकी पत्नी जसमीत मोखा, अस्पताल एडमिनिस्ट्रेटर सोनिया शुक्ला, अस्पताल मैनेजर देवेश चौरसिया, दवा व्यापारी सपन जैन, फार्मास्यूटिकल कंपनी में इंदौर में कार्यरत राकेश शर्मा समेत गुजरात के आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं.

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