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बेटे को आरक्षक बनाने का सपना लेकर आया पिता पार्थिव देह लेकर लौटा, दो साल में दो बेटों की मौत

JABALPUR Police bharti. सिवनी में रहने वाला 22 साल का नरेन्द्र आरक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने आया था.

JABALPUR Police bharti. सिवनी में रहने वाला 22 साल का नरेन्द्र आरक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने आया था.

Shocking News. सिवनी में रहने वाला 22 साल का नरेंद्र गौतम पुलिस आरक्षक भर्ती में शामिल होने के लिए अपने पिता के साथ जबलपुर आया था. वो रांझी स्थित छठवीं बटालियन में भर्ती के दौरान 800 मीटर दौड़ में शामिल हुआ. दौड़ पूरी करने के बाद वो जमीन पर लेट गया और बेहोश हो गया. उसे तत्काल एम्बुलेंस के में डालकर रांझी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां से उसे विक्टोरिया अस्पताल रैफर कर दिया गया. हालत ज्यादा खराब होने के कारण वहां से उसे निजी अस्पताल भेज दिया गया. लेकिन नरेंद्र की जान नहीं बच सकी.

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जबलपुर. जबलपुर में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा आज एक पिता पर जिंदगी भर के लिए भारी पड़ गयी. अपने बेटे को आरक्षक बनाने का सपना लेकर आया ये पिता उसकी पार्थिव देह लेकर लौटा. धूप में चल रही फिजिकल परीक्षा के दौरान बेटे की मौत हो गयी. दर्दनाक बात ये है कि दो साल पहले उनके बड़े बेटे की भी मौत हो चुकी है.

एक नौजवान पर भारी पड़ गयी. फिजिकल परीक्षा के दौरान दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गयी. प्रतियोगी की उम्र सिर्फ 22 साल थी. वो सिवनी का रहने वाला था. बच्चे के बेहतर भविष्य का सपना लेकर आए पिता उसकी पार्थिव देह लेकर लौटे.

धूप में परीक्षा
लंबे समय बाद जबलपुर में पुलिस की सीधी भर्ती परीक्षा आयोजित की गई है. इसमें कई जिलों के युवक आरक्षक पद पर भर्ती के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. कड़ी धूप में फिजिकल परीक्षा चल रही है. उसी दौरान भर्ती प्रक्रिया के तहत दौड़ में शामिल एक युवक की तबियत अचानक खराब हो गई. उसे फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

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दौड़ खत्म होते ही फर्श पर गिरा
जानकारी के मुताबिक सिवनी में रहने वाला 22 साल का नरेंद्र गौतम पुलिस आरक्षक भर्ती में शामिल होने के लिए अपने पिता के साथ जबलपुर आया था. वो रांझी स्थित छठवीं बटालियन में भर्ती के दौरान 800 मीटर दौड़ में शामिल हुआ. दौड़ पूरी करने के बाद वो जमीन पर लेट गया और बेहोश हो गया. उसे तत्काल एम्बुलेंस के में डालकर रांझी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां से उसे विक्टोरिया अस्पताल रैफर कर दिया गया. हालत ज्यादा खराब होने के कारण वहां से उसे निजी अस्पताल भेज दिया गया. लेकिन नरेंद्र की जान नहीं बच सकी.

दो साल में खो दिए दो बेटे
नरेंद्र की मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है. हालांकि सही वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही पता चलेगी. मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने नरेंद्र के शव को एम्बुलेंस के जरिये पीएम के लिए रवाना किया. अस्पताल में मौजूद नरेंद्र के पिता बदहवास से यहां वहां होते रहे. वो यही कहते रहे कि उन्हें नहीं मालूम कि उनके बेटे को क्या हुआ है. शंकर लाल गौतम के दो बेटे थे. बड़े बेटे की दो साल पहले शुगर की बीमारी के कारण मौत हो चुकी है. नरेंद्र ही उनके घर की जिम्मेदारी संभालने वाला था. वह पुलिस में भर्ती होकर समाज और अपने परिवार की देखरेख करना चाहता था. लेकिन उसका यह सपना मंजिल तक पहुंचने से की दौड़ में ही अधूरा रह गया.

Tags: Jabalpur news, Madhya pradesh Police

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