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अलविदा 'ऋषि': कपूर खानदान के कई खास किस्सों का गवाह बना रीवा, सहेज रखी हैं यादें

अलविदा 'ऋषि': कपूर खानदान के कई खास किस्सों का गवाह बना रीवा, सहेज रखी हैं यादें

ऋषि कपूर नहीं रहे

ऋषि कपूर नहीं रहे

ऋषि कपूर के जाने से मध्य प्रदेश के शहर रीवा (Rewa) के हर घर में दुख का माहौल है. कहने को वे ज्यादा बार तो यहां नहीं आए, लेकिन कहलाता तो यह उनका ननिहाल ही था.

जबलपुर. अपनी वर्सेटाइल एक्टिंग से स्टारडम पाने वाले बाॅलीवुड के महान कलाकार ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) अचानक सबको अकेला छोड़कर चले गए. कैंसर से जूझ रहे ऋषि कपूर का निधन मुंबई में हुआ. शोक भरी इस खबर से पूरा बाॅलीवुड दुखी है. कल इरफान खान तो आज ऋषि कपूर, दोनों महान अभिनेताओं का जाना पूरी इंडस्ट्री को रुला गया. ऋषि कपूर के जाने से मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शहर रीवा में भी दुख का माहौल है. कहने को वे ज्यादा बार तो यहां नहीं आए, लेकिन कहलाता तो यह उनका ननिहाल ही था.

ऐसे जुड़ा ऋषि कपूर का रीवा से नाता

ऋषि कपूर के पिता राजकपूर भारतीय फिल्म इतिहास के वो महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से भारत की प्रतिष्ठा को वैश्विक क्षितिज पर स्थापित किया था. इनकी फिल्मों के गीत गुनगुनाने वाले रूस और जापान में तो थे ही, अमेरिका और अफ्रीका तक में फैन्स भरे पड़े थे. ऐसे व्यक्तित्व का विन्ध्य की राजधानी रीवा के साथ गहरा रिश्ता होना, पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है. राजकपूर रीवा के पाहुन (दामाद) हैं. उनकी बारात यहीं पहुंची थी, परिणय हुआ कृष्णा कपूर के साथ.

बात 1946 की है. रीवा राज्य के पुलिस महानिरीक्षक थे करतार नाथ मल्होत्रा. कृष्णा जी उन्हीं की बेटी थीं. वे रीवा में पली-बढ़ीं. राजकपूर के साथ दाम्पत्य सूत्र में जुड़ने के बाद वे बॉलीवुड की सर्वाधिक सम्मानीय महिला बनीं, जिनकी तीसरी पीढ़ी आज भी फिल्म जगत में कपूर खानदान के यश की ध्वजा फहराए हुए है.

राजकपूर की स्मृतियों को सहेजने को पूर्व मंत्री ने की थी पहल

रीवा की जनता ऋषि कपूर के निधन से दुखी है. ऋषी कपूर के बड़े भाई रणधीर कपूर 2018 में अपने ननिहाल रीवा आए थे और नवनिर्मित कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया था. राजकपूर की स्मृतियों को सहेजने की यह अनूठी पहल उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने की थी. 13 सितंबर 2014 को राजकपूर स्मृति सांस्कृतिक केन्द्र तथा प्रेक्षागृह का भूमि पूजन किया गया था. सांस्कृतिक केन्द्र उसी परिसर में बनकर तैयार हुआ, जिस परिसर में स्थित पुलिस बंगले में राजकपूर की बारात आई थी और कृष्णा जी के साथ उनकी शादी हुई थी. ऑडिटोरियम का भूमिपूजन राजकपुर के पुत्र रणधीर कपूर ने किया था और ऑडिटोरियम का भव्य लोकार्पण 2 जून 2018 को रणधीर कपूर ने ही किया.

कपूर खानदान का रीवा से नाता

ऋषि कपूर का ननिहाल रीवा में होने के कारण यहां से उनका गहरा नाता है. दरअसल राजकपूर का रीवा से पहला वास्ता साल 1944-45 में पड़ा जब उनके पिता पृथ्वी राजकपूर अपना थियेटर लेकर यहां पहुंचे. राजकपूर को रीवा की गलियां, सड़कें और आबोहवा इतनी भायी कि वे इसी शहर के पाहुन बन गए. इसके पीछे वजह थी सरदार करतार नाथ सिंह और पृथ्वीराज कपूर तथा राजकपूर और प्रेमनाथ की मित्रता.

फिल्म अभिनेता प्रेमनाथ, कृष्णा जी के बड़े भाई थे. दिसंबर 1946 में जब कृष्णा-राजकपूर की शादी हुई, तब कृष्णाजी 16 तथा राजकपूर 20 वर्ष के थे. राजकपूर का रीवा के साथ इतना गहरा भावनात्मक संबंध रहा कि उन्होंने न सिर्फ अपनी एक पुत्री का नाम रीमा (रीवा का मूल नाम रीमा ही है) रखा, बल्कि अपनी फिल्म ‘‘आह’’  में रीवा को केन्द्रीय विषय में रखा. तांगे का वह चर्चित और अमर दृश्य जिसमें राजकपूर का पात्र तांगेवाला बने मुकेश (सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक) से कहता हैं मुझे रीवा जाना है...!

(रीवा से अर्पित पाण्डेय)

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Tags: Jabalpur news, Madhya pradesh news, Rishi Kapoor Death, Rishi Kapoor News

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