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गायों के जरिए बदलेगी प्रदेश के गांवों की सूरत, कमलनाथ सरकार में हो रहा है ये बड़ा काम

Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 23, 2019, 7:26 PM IST
गायों के जरिए बदलेगी प्रदेश के गांवों की सूरत, कमलनाथ सरकार में हो रहा है ये बड़ा काम
जबलपुर में स्वीकृत 24 में से 22 गौशालाओं का काम एक महीने में पूरा हो जाएगा

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सरकार बदलने के बाद सत्ता में आई कांग्रेस ने गांव से लेकर बड़े शहरों तक में गौशाला (Cowshed) स्थापित करने की घोषणा की है. इससे प्रदेश की सड़कों से गायों के हटने के साथ-साथ गावों को भी इसका फायदा मिलेगा, उनकी आर्थिक स्थिति भी इससे बेहतर होगी.

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जबलपुर. प्रदेश सरकार की घोषणा के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर गौशाला निर्माण (Cowshed) का काम चल रहा है. बात जबलपुर (Jabalpur) की करें तो यहां 24 स्वीकृत गौशालाओं में से 22 गौशालाओं का निर्माण अगले 1 महीने में पूरा हो जाएगा. जबलपुर की 88 ग्राम पंचायतों में कुल 7 ब्लॉक आते हैं. प्रत्येक ब्लॉक में अनुपात के तहत 3-3 गौशालाएं बनाई जा रही हैं, जबकि जबलपुर के शहरी क्षेत्र में एक बड़ी गौशाला का निर्माण भी चल रहा है, जिसमें करीब 3 हजार आवारा पशु रखे जा सकेंगे. जिला पंचायत के सीईओ प्रियंक मिश्र के मुताबिक मनरेगा (MNREGA) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गौशालाओं का निर्माण होगा, इसके लिए अलग से बजट (Budget) का प्रावधान नहीं है. ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माणाधीन गौशालाओं का संचालन ग्राम पंचायतों ही करेंगी. गौशालाओं में चारा, पानी, बिजली की पूरी व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो.

पंचगव्य उत्पादों का होगा निर्माण
जिला पंचायत सीईओ प्रियंक मिश्रा ने बताया कि सभी गौशालाओं में आवारा पशु जो कि दुधारू नहीं होते हैं, उन्हें रखा जाता है. ऐसे में गौशालाओं के संचालन का खर्चा निकल सके इसके लिए पंचगव्य पर काम किया जाएगा. स्व सहायता समूहों को इसके लिए अलग से ट्रेनिंग भी दी जाएगी जिसमें गाय के गोबर और मूत्र से बनने वाले अनेक उत्पादों को बनाया जाएगा. जिला प्रशासन इसके लिए वेटनरी विश्वविद्यालय की भी सहायता लेगा जिसमें गाय के मल मूत्र से बनने वाले अनेक उत्पादों की ट्रेनिंग स्व सहायता समूह के सदस्यों को दी जाएगी.

कमलनाथ सरकार ने की थी गौशाला निर्माण की घोषणा

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने पशु चारे के लिये अनुदान राशि 20 रुपये प्रतिदिन कर दी है. इसके लिये बजट प्रावधान किया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि प्रोजेक्ट गौशाला से शहरों और गांवों में आवारा पशुओं को आश्रय मिलेगा. साथ ही इससे आवारा पशुओं की वजह से होने वाले सड़क हादसों और खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाने के मामलों में भी कमी आएगी. प्रदेश में 614 ऐसी गौशालाएं हैं जो निजी हाथों में हैं, जिन्हें सरकार से अनुदान मिलता है.

प्रदेश में 1000 गौशालाएं बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने निराश्रित गायों के लिए प्रदेश में एक हजार शासकीय गौशालाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए 450 करोड़ रुपये का बजट भी सुरक्षित किया गया है. इन गौशालाओं में शेड, ट्यूबवेल, चारागाह और बायोगैस प्लांट की व्यवस्था की जाएगी. प्रदेश सरकार ने ऐसी 900 से ज्यादा गौशालाओं के निर्माण का काम प्रारंभ कर दिया है. इसके अलावा आम लोग भी गौशाला खोल सकते हैं, जिसके लिए शासकीय भूमि भी उपलब्ध करायी जा रही है. सरकार सके इस कदम से गावों की अर्थव्यवस्था भी सुधरेगी.
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First published: November 23, 2019, 7:26 PM IST
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