जबलपुर-इटारसी की ऑर्डनेंस फैक्ट्री में भी लटके ताले, निजीकरण के विरोध में हड़ताल

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 20, 2019, 5:53 PM IST
जबलपुर-इटारसी की ऑर्डनेंस फैक्ट्री में भी लटके ताले, निजीकरण के विरोध में हड़ताल
ऑर्डनेंस फैक्ट्री में हड़ताल

केंद्र सरकार के निगमीकरण के फैसले के खिलाफ सुरक्षा संस्थानों के कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल में जबलपुर और इटारसी स्थित ऑर्डनेंस फैक्ट्री का स्टाफ भी शामिल है.

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मध्य प्रदेश में भी सेना के सुरक्षा संस्थानों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं.भारतीय सेना के लिए बम, गोला बारूद, तोप और अन्य घातक हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों में आज से ताले लटक गए हैं.केंद्र सरकार के निगमीकरण के फैसले के खिलाफ सुरक्षा संस्थानों के कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल में जबलपुर और इटारसी स्थित ऑर्डनेंस फैक्ट्री का स्टाफ भी शामिल है.

निजीकरण का विरोध
आजाद भारत के इतिहास में यह पहला मौका है जब देश के सभी सुरक्षा संस्थानों में एक माह की कामबंद हड़ताल की जा रही है. हड़ताल के दौरान कर्मचारी काम नहीं करेंगे. सरकार के फैसले का विरोध करते रहेंगे. केंद्र सरकार ने देश की 41 आयुध निर्माणियों को निगमीकरण के दायरे में लाने का प्रस्ताव पास किया है. इसके खिलाफ लगातार आंदोलन किए जा रहे हैं. सरकार को कई बार आगाह करने के बाद भी जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो कर्मचारियों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया.



जबलपुर में लटके ताले
मंगलवार से कमर्चारियों की एक माह की हड़ताल शुरू हो गई.जबलपुर के आयुध निर्माणी और अन्य सुरक्षा संस्थानों में ताले लटके रहे और कर्मचारी सड़कों पर उतरकर सरकार के फैसले का विरोध करते नजर आए.सुरक्षा संस्थानों के गेटों पर पहुंचकर कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और निगमीकरण के प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की. नाराज कर्मचारियों ने अपने साथियों से भी हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया. सभी सुरक्षा संस्थानों के श्रमिक संगठन एकजुट हुए और एक ही बैनर के नीचे एक महीने के आंदोलन की शुरुआत की गई.

'सुरक्षा के लिए घातक'
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ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के कर्मचारी इस बात से हैरान हैं कि एक तरफ सेना को मज़बूत करने के दावे सरकार कर रही है और दूसरी तरफ पिछले दरवाजे से सुरक्षा संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है. कर्मचारियों ने सरकार के इस फैसले को देश की सुरक्षा के लिए घातक बताया.

'थम जाएगा विकास'
जबलपुर में करीब आधा दर्जन सुरक्षा संस्थानों में लाखों कर्मचारी काम करते हैं और उनके जरिए ही जबलपुर के बाजार में सालाना हजारों करोड़ का कारोबार होता है. कर्मचारियों का मानना है कि अगर सुरक्षा संस्थानों के निगमीकरण के फैसले पर अमल किया गया तो कर्मचारियों के सामने न केवल रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा बल्कि जबलपुर के विकास की रफ्तार भी थम जाएगी.
इटारसी में भी प्रशासन सतर्क
आर्डनेंस कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए होशंगाबाद में ज़िला प्रशासन और पुलिस चौकस है. यहां भोपाल से बुलाया गया अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. ऑर्डनेंस फैक्ट्री के आसपास तीन स्तरीय सुरक्षा की जा रही है.कैमरे भी लगाए गए हैं जो लगातार प्रदर्शन पर नज़र रखेंगे.फैक्ट्री के अंदर इलेक्ट्रॉनिक्स कैमरे,मोबाइल के उपयोग पर रोक लगा दी गयी है.

इन फैक्ट्रियों में सेना के लिए गोला-बारूद बनता है
इटारसी की आयुध निर्माणी में भी दिनभर प्रदर्शन चलता रहा


यहां सक्रिय तीनों फेडरेशन ने एक साथ मिलकर सोमवार को वाहन रैली निकाली और आज सुबह से हड़ताल पर चले गए. इटारसी में आयुध निर्माण फैक्ट्री और सीपी में इस हड़ताल का असर है. (जबलपुर से प्रतीक मोहन अवस्थी के साथ इटारसी से शैलेन्द्र की रिपोर्ट)

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First published: August 20, 2019, 5:53 PM IST
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