12 साल से लगातार मंत्री, फिर भी इनका शहर देश में सबसे गंदा
Jabalpur News in Hindi

12 साल से लगातार मंत्री, फिर भी इनका शहर देश में सबसे गंदा
देश में 476 शहरों के स्वच्छ भारत रैंकिंग में मध्यप्रदेश का दमोह शहर देश का सबसे गंदा शहर साबित हुआ है. यह हालात तब हैं जब यहां के विधायक क़रीब 12 सालों से लगातार प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं. दमोह विधानसभा से भाजपा विधायक जयंत मलैया मौजूदा समय में भी प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री हैं. बावजूद इसके उनके शहर को देश का सबसे गंदा शहर माना गया है.

देश में 476 शहरों के स्वच्छ भारत रैंकिंग में मध्यप्रदेश का दमोह शहर देश का सबसे गंदा शहर साबित हुआ है. यह हालात तब हैं जब यहां के विधायक क़रीब 12 सालों से लगातार प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं. दमोह विधानसभा से भाजपा विधायक जयंत मलैया मौजूदा समय में भी प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री हैं. बावजूद इसके उनके शहर को देश का सबसे गंदा शहर माना गया है.

  • News18
  • Last Updated: August 22, 2015, 11:22 AM IST
  • Share this:
देश में 476 शहरों के स्वच्छ भारत रैंकिंग में मध्यप्रदेश का दमोह शहर देश का सबसे गंदा शहर साबित हुआ है. यह हालात तब हैं जब यहां के विधायक क़रीब 12 सालों से लगातार प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं. दमोह विधानसभा से भाजपा विधायक जयंत मलैया मौजूदा समय में भी प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री हैं. बावजूद इसके उनके शहर को देश का सबसे गंदा शहर माना गया है.

जानकारी के अनुसार, 39 वार्ड वाले दमोह में हर दिन करीब 18 टन कचरा निकलता है, जबकि शहर में सफ़ाई के काम के लिए 261 कर्मचारी हैं. नगर पालिका 100 कर्मचारी और बढ़ाना चाहती है. जिससे सफाई व्यवस्था दुरूस्त हो सके, लेकिन यह आज तक नहीं हो सका.

'प्रधानमंत्री जी! हमारा भिंड देश का सबसे गंदा शहर क्यों है,' स्टूडेंट ने लिखा नरेंद्र मोदी को पत्र



 



घरों में शौचालय, पर खुले में शौच जाते हैं लोग

नगर पालिका के जिम्मेदारों ने बताया कि यहां लगभग हर घर में शौचालय मौजूद हैं, लेकिन फिर भी लोग खुले में शौच जाना पसंद करती है. नपा के अफसरों का मानना है कि खुले में शौच जाने और शहर में जगह-जगह पसरी गंदगी के चलते दमोह को देश का सबसे गंदा शहर माना गया है.

हालांकि, इस रिपोर्ट के आने के बाद भी शहर के पूरे कचरे को एक ग्राउंड में डाल दिया जाता है. इसके अलावा नगर पालिका के पास कचरे से निपटने के लिए शहर के पास फिलहाल कोई योजना नजर नहीं आती.

दमोह के स्थानीय निवासी डॉ. एलएन वैष्णव का कहना है कि लगभग डेढ़ लाख की आबादी वाले इस शहर के विधायक मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री हैं, जो पिछले 12 सालों से लगातार मंत्री हैं, लेकिन इस शहर के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया.

वहीं, एक नागरिक आलोक शर्मा का कहना है कि जयंत मलैया ही नहीं, यहां से भाजपा के केंद्रीय नेता प्रहलाद पटेल, केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री उमा भारती और पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया भी  ताल्लकु रखते हैं, लेकिन नतीजा सिफर है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राजनेता सिर्फ पैसा कमाने में लगे हैं और उन्हें आम लोगों से कुछ लेना-देना नहीं है. इसी वजह से आज शहर की यह हालत है.

मैसूर सबसे स्वच्छ और दमोह सबसे गंदा शहर

विदित हो कि देश में 476 शहरों के स्वच्छ भारत रैंकिंग में मध्यप्रदेश का दमोह शहर देश का सबसे गंदा शहर साबित हुआ है. दमोह के अलावा मध्यप्रदेश का भिंड 475वें पायदान पर रहा. केंद्र सरकार के सर्वे में देश में 476 शहरों की स्‍वच्‍छ भारत श्रेणी में कर्नाटक के मैसूर शहर ने शीर्ष स्‍थान प्राप्‍त किया है.

2014-15 के दौरान राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छता नीति 2008 के अंतर्गत शहरी विकास मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 476 शहरों में यह सर्वे कराया गया था. इसके तहत खुले में शौच और कचरा प्रबंधन जैसी गतिविधियों का बेहतर प्रबंधन शामिल है. इस संदर्भ में मैसूर शहर ने न्‍यूनतम स्‍तर पर खुले में शौच जैसी व्‍यवस्‍था और बेहतर ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन को अपनाने में प्रमुख भूमिका निभाई.

स्वच्छ भारत अभियान रैंकिंग: मैसूर बना टॉपर, 466 वें पर गुडगांव

दक्षिणी राज्योंं के मामले में प्रमुख 100 शहरों में से 39 शहर रहे हैं, इसके उपरांत पूर्व से 27, पश्चिम से 15, उत्तर से 12 और पूर्वोत्ततर राज्यों से 7 शहर रहे हैं. राजधानियों की श्रेणी में बेंगलुरू प्रमुख स्थान पर रहा, जबकि पटना 429वें स्थान पर सबसे नीचे रहा. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल भी टॉप 100 शहरों में जगह नहीं बना सकी. राजधानी की श्रेणी में बेंगलुरू सातवें स्थान पर आकर टॉपर है, जबकि भोपाल को 106वां स्थान हासिल हुआ.

सबसे नीचे के 100 शहरों में उत्तार से 74 शहर, पूर्व से 21, पश्चिम से 3 और दक्षिण से 2 शहर रहे हैं. 10 प्रमुख शहरों की श्रेणी में मैसूर, त्रिचिरापल्ली (तमिलनाडू), नवी मुंबई, कोच्ची (केरल), हसन, मंडेया और बेंगलुरू (कर्नाटक), तिरूवनन्तीपुरम (केरल), हलीसहर (पश्चिम बंगाल) और गंगटोक (सिक्किम) हैं.

2014-15 के दौरान राष्ट्री य स्वच्छता नीति 2008 के अंतर्गत शहरी विकास मंत्रालय द्वारा यह सर्वेक्षण कराया गया था.

स्वच्छत भारत के लिए राजधानियों की श्रेणी

क्रंसं.------राजधानी------शहर स्वच्छ भारत श्रेणी
1.--------- बेंगलुरू--------- 7
2 .-------- त्रिवेन्द्रम.---------  8
3 --------गंगटोक-------- 10
4 --------नई दिल्ली् -------- 16
5 --------चंडीगढ-------- 21
6 --------पुद्दुचेरी-------- 23
7 --------अगरतला-------- 32
8 --------पोर्ट ब्लेयर-------- 34
9 --------आइजोल --------35
10 --------गुवहाटी --------51
11 --------कोलकाता-------- 56
12 --------चेन्नई-------- 61
13 --------दीमापुर-------- 76
14 --------इम्फाल-------- 83
15 --------शिमला --------90
16 --------भोपाल-------- 106
17 --------शिलांग-------- 120
18 --------नवी मुंबई-------- 140
19 --------श्रीनगर-------- 152
20 --------लखनऊ-------- 220
21 --------रांची-------- 223
22 --------हैदराबाद-------- 275
24 --------रायपुर-------- 293
24 --------गांधीनगर-------- 310
25 --------भुवनेश्वर-------- 331
26 --------देहरादून-------- 360
27 --------जयपुर-------- 370
28 --------पटना-------- 429

स्वच्छ भारत के लिए अन्य प्रमुख शहरों की श्रेणी

क्र--------शहर--------स्वच्छ भारत श्रेणी
1--------मंगलौर-------- 11
2-------- मदुरै-------- 20
3 --------जालंधर-------- 28
4 --------पुणे -------- 31
5 --------कोझीकोड-------- 41
6 --------सूरत-------- 63
7 --------अहमदाबाद-------- 79
8 --------जमशेदपुर-------- 109
9 --------अनंतनाग-------- 115
10 --------दार्जिलिंग-------- 129
11 --------तिरूपति-------- 137
12 --------आगरा-------- 145
13 --------सिकंदराबाद-------- 191
14 --------कोयम्बटूर-------- 196
15 --------विशाखापटनम-------- 205
16 --------रायबरेली-------- 240
17 --------कानपुर-------- 241
18 --------नागपुर --------256
19 --------विजयवाड़ा--------266
20 --------कटक-------- 296
21 --------पुरी-------- 298
22 --------उज्जैन-------- 355
23 --------लुधियाना-------- 381
24 --------इलाहाबाद-------- 383
25 --------ग्वाालियर-------- 400
26 --------अजमेर-------- 401
27 --------उदयपुर-------- 417
28 --------वाराणसी-------- 418
29-------- जम्मू --------427
30 --------अमृतसर-------- 430

सर्वेक्षण : उत्तर प्रदेश (61), पश्चिम बंगाल (60), महाराष्‍ट्र (43), मध्य प्रदेश (32), गुजरात (30), एपी (30), तमिलनाडु (29), राजस्थान (28) बिहार (27), कर्नाटक (26), हरियाणा (20), पंजाब (16), तेलंगाना (11), ओडिशा (10), झारखंड (10), छत्तीसगढ़ (9) और केरल, उत्तराखंड और पूर्वोत्‍तर राज्‍यों से 6-6 बड़े शहर शामिल हैं.

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading