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ये क्या! पुलिस ने सीएम हेल्पलाइन से शिकायत कटवाने शिकायतकर्ता को बना दिया आरोपी! पढ़िए ये खबर

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करना नरसिंहपुर के एक युवक को भारी पड़ गया.

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करना नरसिंहपुर के एक युवक को भारी पड़ गया.

CM Helpline : ये मामला नरसिंहपुर जिले का है. याचिकाकर्ता के मुताबिक उसका मोबाइल फोन जब्त कर उसके फोन से सीएम हेल्पलाइन ...अधिक पढ़ें

जबलपुर. जबलपुर में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने सीएम हेल्पलाइन में आयी समस्या दूर करने के बजाए शिकायत हटाने के लिए शिकायत करने वाले युवक को ही आरोपी बना दिया. मामला जबलपुर हाईकोर्ट पहुंच गया और अब कोर्ट ने पुलिस विभाग के रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है.

पूरा मामला नरसिंहपुर जिले का है. याचिकाकर्ता के मुताबिक उसका मोबाइल फोन जब्त कर उसके फोन से सीएम हेल्पलाइन की शिकायत बंद करा दी गयी. नरसिंहपुर निवासी अभिषेक राय ने याचिका दायर की थी. इसमें बताया कि उसके दो रिश्तेदारों ने आवास योजना में अवैध तरीके से सरकारी पैसा लिया था. उसकी वसूली करवाने के लिए उसने सीएम हेल्प लाइन में शिकायत की थी. इससे खिन्न होकर रिश्तेदारों ने पुलिस से मिलीभगत कर दुर्भावनावश झूठे दो अपराधिक प्रकरण दर्ज करवा दिए थे. इसकी कोई जानकारी याचिकाकर्ता अभिषेक को नहीं थी.

झूठे मामलों में गिरफ्तारी
21 जून को थाना कोतवाली पुलिस ने अभिषेक को एक लंबित शिकायत में एफ आई आर दर्ज करने का आश्वासन देकर फोन कर बुलाया. वो जैसे ही थाने पहुंचा उसके मामले में शिकायत दर्ज कर उसे एफआईआर की कॉपी दे दी गई. लेकिन उसके तुरंत बाद लगभग 3.30 बजे उसे उसके ऊपर दो झूठे मामले दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया. इस दौरान थाना कोतवाली पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया. इसी मोबाइल फोन से अभिषेक ने सीएम हेल्प लाइन में जो शिकायत की थी पुलिस ने उसे बंद करा दिया. बाद में अभिषेक को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे जमानत मिल गई.

पुलिस की होशियारी
जमानत मिलते ही पुलिस ने अभिषेक को मोबाइल फोन वापस लौटा कर उससे पावती ले ली. गिरफ्तारी के कागजात में मोबाइल लौटाने की बात का उल्लेख कर दिया गया. जब अभिषेक ने अपना मोबाइल देखा तो पता चला कि पुलिस ने उसका पूरा डाटा डिलीट कर दिया था. कॉल स्टेटमेंट से पता चला कि जब अभिषेक को गिरफ्तार किया गया उसी दौरान उसी के मोबाइल फोन से सीएम हेल्प लाइन में फोन कर शिकायत बंद करवा दी गयी.

एसपी से शपथ पत्र पर जवाब मांगा
अभिषेक ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह मंत्रालय तक की. उसके बावजूद जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. हार कर उसने जबलपुर हाईकोर्ट की शरण ली. कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई कर जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने पक्षकारो को नोटिस जारी कर पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर से इतने गंभीर आरोपों के मामले में शपथ पत्र में जवाब मांगा गया है. इस मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी.

Tags: Jabalpur High Court, Madhya pradesh latest news

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