केरोसिन से डीज़ल बनाने के कारखाने पर STF का छापा, आरोपी फरार

केरोसिन में केमिकल मिलाकर डीज़ल बनाने के कारखाने पर एसटीएफ का छापा
केरोसिन में केमिकल मिलाकर डीज़ल बनाने के कारखाने पर एसटीएफ का छापा

एसटीएफ (Stf)और जबलपुर पुलिस (Jabalpur Police)की कार्रवाई में केमिकल (Chemical) मिलाकर केरोसिन (Kerosene) से डीज़ल (Diesel) बनाने का गोरखधंधा पकड़ा गया. एक ट्रैव्हल्स कंपनी के गोदाम पर की गई कार्रवाई में मिलावटखोरी (Adulteration) के इस अनोखे खेल का खुलासा हुआ.

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जबलपुर. प्रदेश सरकार ने जब से मिलावट के खेल के खिलाफ अभियान छेड़ा है, तब से हर दिन मिलावट के नए और अनोखे मामले सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक मामला जबलपुर (Jabalpur) में सामने आया है जिसमें एक ट्रैव्हल्स संचालक केरोसिन (Kerosene) में केमिकल (Chemical)मिलाकर डीजल बनाने के गोरखधंधे को संचालित कर रहा था. मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ और पनागर पुलिस ने ट्रैवल्स संचालक के गोदाम में छापा मारा तो वहां ड्रम में करीब 3200 लीटर केरोसिन और भारी मात्रा में  केमिकल मिला जिसे केरोसिन में मिलाकर डीजल बनाने का काम किया जाता था.

केरोसिन से डीज़ल बनाने का गोरखधंधा
पनागर थाना इलाके के लमती में अंशिका ट्रैवल्स के संचालक गुरू उपाध्याय के गोदाम पर एसटीएफ और पनागर पुलिस ने छापेमारी की. इस छापेमारी में पुलिस के हाथ एक केमिकल लगा जिसे केरोसिन में मिलाकर डीजल बनाया जाता था. जब टीम ने छापा मारा तो ट्रैव्हल्स संचालक गुरू उपाध्याय मौके से फरार हो गया. गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत जबलपुर में भी खाद्य सामग्रियों में मिलावट करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. इस कार्रवाई से ये भी साफ हो गया है कि न सिर्फ होटलों और मिष्ठान्न दुकानों में मिलावट हो रही है बल्कि केरोसिन और अन्य ज्वलनशील पदार्थों में भी मिलावट का खेल जारी है.

News - पुलिस ने इस कैमिकल को जांच के लिए भेजा है, इसी की मदद से कैरोसिन को डीज़ल बनाने का खेल चल रहा था.
पुलिस ने इस केमिकल को जांच के लिए लैब भेजा है, इसी की मदद से केरोसिन को डीज़ल बनाने का खेल चल रहा था.

आरोपी फरार, तलाश में जुटी पुलिस


पुलिस के पास पेट्रोल डीजल और केरोसिन में मिलावट करने वालों की लगातार शिकायत आ रही है जिसमें जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है. बहरहाल केरोसिन में मिलावट कर डीजल बनाकर बसों में उपयोग करने से पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है. गोदाम से बरामद इस कैमिकल को जांच के लिए भेजा गया है. इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब इस मामले के मास्टर माइंड गुरू उपाध्याय की तलाश में जुट गई है.

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