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जबलपुर: अब बिना धुंआ छोड़े सरपट पटरी पर दौड़ेंगी ट्रेनें, जबलपुर जोन ने देशभर में पाया ये मुकाम

जबलपुर का पश्चिम मध्य रेल अब शून्य प्रतिशत उत्सर्जन वाला देश का पहला जोन बन गया है.

जबलपुर का पश्चिम मध्य रेल अब शून्य प्रतिशत उत्सर्जन वाला देश का पहला जोन बन गया है.

पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर देश का पहला जोन है जो अब जीरो फीसदी उत्सर्जन वाला बन गया है, जहां रेल विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है. इससे पश्चिम मध्य रेल जोन से गुजरने वाली गाड़ियों की ना केवल रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि यात्री परिवहन की रफ्तार में भी तेजी आएगी.

  • Last Updated: April 3, 2021, 8:03 PM IST
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जबलपुर. अब बिना धुंआ छोड़े सरपट पटरी पर भागेंगी ट्रेने, पमरे ज़ोन ने देशभर मे पाया ये मुकाम
देश का पहला रेल जोन पश्चिम मध्य रेल अब शून्य प्रतिशत उत्सर्जन वाला जोन बन गया है. जहां रेल विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है. इस बड़ी उपलब्धि के साथ पश्चिम मध्य रेल जोन से गुजरने वाली गाड़ियों की ना केवल रफ्तार बढ़ेगी. बल्कि यात्री परिवहन के साथ-साथ माल गाड़ियों की रफ्तार में भी तेजी आएगी.

रेल मंत्रालय द्वारा सितंबर 2017 में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण कार्यक्रम की घोषणा की गई थी, जिसे 29 मार्च 2021 को पूरा कर लिया गया. पश्चिम मध्य रेल जोन का आखरी विद्युतीकरण काम कोटा मंडल के श्रीनगर जालिम दी खंड पर हुआ, जिसके बाद पश्चिम मध्य रेल भारतीय रेल का पूर्ण विद्युतीकरण वाला पहला डॉन बन गया है. आंखों में बात करें तो पश्चिम मध्य रेल पर कुल 3012 किलोमीटर रूट विद्युतीकरण हो गया है. इस लिहाज से पश्चिम मध्य रेलवे को डीजल पर होने वाले सालाना 100 करोड़ रुपए की अब बचत होगी.

बता दें कि विद्युतीकरण का शत प्रतिशत काम पूरा हो जाने से अब मेल पैसेंजर गाड़ियां 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के बजाय 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भाग सकेंगी. जबकि मालवाहक गाड़ियां 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की बजाय 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भागेंगी. जानकारी के मुताबिक पश्चिम मध्य रेल जोन से रोजाना 278 मेल पैसेंजर गाड़ियां गुजरती हैं जिनकी रफ्तार अब बढ़ गई है.
पश्चिम मध्य रेल जोन में विद्युतीकरण का काम



  • साल 2017 मार्च में 1695 किलोमीटर का रूट इलेक्ट्रीफाइड था जो कुल रूट का 53.60 प्रतिशत था.

  • इसके बाद साल 2017- 2018 में 178 किलोमीटर रूट.

  • 2018-19 में 296 किलोमीटर रूट पर विद्युतीकरण.

  • 2019-20 में 357 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण.

  • 2020-21 मैं 486 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण काम हुआ.

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