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UNLOCK JABALPUR : संगमरमरी वादियों में लौट आयी रौनक, चांदी-सा चमक रहा है धुआंधार

जबलपुर के भेड़ाघाट में पर्यटन शुरू
जबलपुर के भेड़ाघाट में पर्यटन शुरू

भेड़ाघाट का बाज़ार (market) फिर से सज गया है. हालांकि शुरुआत में पर्यटकों (tourist) की संख्या जरूर कम है पर जल्द ही यहां पर वही पुरानी रौनक लौट आएगी.

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जबलपुर. लंबे सन्नाटे के बाद जबलपुर (JABALPUR) के भेड़ाघाट में फिर रौनक लौट आयी है. शहर अनलॉक (Unlock) होने के बाद पर्यटकों (tourist) की आवाजाही यहां की संगमरमरी खूबसूरती निहारने के लिए शुरू हो गयी है. इसी के साथ संगमरमर (marble) तराश कर खूबसूरत मूर्तियां बनाने वाले उन सैकड़ों परिवारों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गयी है जिनका लॉक डाउन (lockdown) में काम धंधा बंद हो गया था.

लॉक डाउन में पूरा देश बंद था. जबलपुर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में भी इसलिए सन्नाटा था. करीब ढाई महीने से ज़्यादा समय तक ये पर्यटन स्थल सूना पड़ा रहा. लॉक डाउन खुलते ही लोग अपने घरों से निकल पड़े हैं. ढाई महीने से घरों में कैद लोग अब खुद को तरोताज़ा करने के लिए यहां के संगमरमरी सौंदर्य और कल-कल छल-छल करती नर्मदा को देखने पहुंच रहे हैं. पूरे वेग से गिरता धुआंधार जलप्रपात इन्हें जोश से भर देता है. सैर-सपाटे, प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्म और मानसिक शांति और सुकून के लिए इससे बेहतर भला और क्या जगह हो सकती है.

चेहरे पर रौनक
सैलानियों की चहलकदमी बढ़ते ही यहां अपना धंधा-पानी कर गुजर-बसर कर रहे सैंकड़ों परिवारों को जीने की राह मिल गयी है. यहां मुख्य धंधा संगमरमर तराश कर मूर्ति और सामान बनाने का है. सैकड़ों परिवार इसी धंधे के सहारे पल रहे हैं. इसके साथ टूरिस्ट गाइड, खान-पान की दुकानें और मार्बल रॉक्स के बीच सैलानियों को सैर कराने वाले नाविक सब लॉक डाउन में बेरोज़गार हो गए थे. अब देश अनलॉक हुआ है तो ज़िंदगी फिर पटरी पर लौटती दिख रही है.
बाज़ार सज गया


भेड़ाघाट तो गुलजार हो ही गया है. सूनी पड़ी दुकानें भी अब आबाद हो गई हैं. भेड़ाघाट का बाज़ार फिर से सज गया है. हालांकि शुरुआत में पर्यटकों की संख्या जरूर कम है पर जल्द ही यहां पर वही पुरानी रौनक लौट आएगी. यहां जो पर्यटक आ रहे हैं वो खरीदारी भी कर रहे हैं.

नौका विहार के लिए करना होगा इंतजार
हालांकि नौका विहार करने के लिए अभी पर्यटकों को और इंतजार करना होगा.अनलॉक होने के बाद भले ही पर्यटकों के आने का क्रम भेड़ाघाट पर्यटन स्थल में शुरू हो गया है लेकिन अभी जिला प्रशासन ने नौका चलाने के लिए अनुमति नहीं दी है. क्योंकि नाव में सोशल डिस्टेंस की कोई व्यवस्था नहीं हो सकती. इसलिए एहतियात ज़रूरी है.

पंचायत की कमर टूटी
कोरोना वायरस के कारण लगे लॉक डाउन ने पूरे देश की आर्थिक व्यवस्था को डगमगा दिया है. उसी आर्थिक नुकसान को नगर पंचायत भेड़ाघाट भी झेल रहा है.पंचायत की कमाई का मुख्य ज़रिया भेड़ाघाट का पर्यटन ही है. मार्च से जून तक टूरिस्ट सीजन पीक पर होता है. ये समय ज़बरदस्त कमाई और रेवेन्यू का होता है. पर इस बार लॉक डाउन ने भेड़ाघाट नगर पंचायत की तिजोरी पर ही लॉक लगा रखा था.

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