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नगरीय निकाय चुनाव : जबलपुर में भी किसी कांग्रेस विधायक को मिल सकता है महापौर का टिकट!

कांग्रेस की जबलपुर नगर निगम चुनाव प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि जबलपुर में भी इंदौर का फार्मूला अपनाया जा सकता है.
कांग्रेस की जबलपुर नगर निगम चुनाव प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि जबलपुर में भी इंदौर का फार्मूला अपनाया जा सकता है.

JABALPUR : जबलपुर में 2018 के विधानसभा चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ जब कांग्रेस (Congress) के चार विधायक (MLA) यहां से चुने गए. लिहाजा कांग्रेस को उम्मीद है कि इन चार विधायकों के सहारे वो नगर सत्ता पर वापसी कर सकती है.

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जबलपुर.कांग्रेस इंदौर के बाद अब जबलपुर (Jabalpur) में भी अपने किसी विधायक को महापौर (Mayor) पद का प्रत्याशी बना सकती है.इंदौर में तो घोषणा हो चुकी है, जबलपुर में भी ऐसा ही कुछ ऐलान हो सकता है. इंदौर में विधायक संजय शुक्ला को महापौर पद का टिकट देने के बाद जबलपुर में इस पद के दावेदार में बेचैनी बढ़ गयी है. आम नेता पत्ता कटने की आशंका से परेशान हैं और विधायक इसलिए बेचैन हैं क्योंकि यहां से 4 विधायक हैं इसलिए किसे टिकट मिलेगा.

मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव नजदीक हैं.ऐसे में महापौर बनने का ख्वाब देखने वाले कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं के मंसूबों पर पानी फिर सकता है.इंदौर में विधायक संजय शुक्ला को महापौर का टिकट देने के बाद जबलपुर में सुगबुगाहट शुरू हो गयी है कि क्या यहां भी विधायक ही टिकट ले उड़ेंगे. जबलपुर पहुंची नगर निगम चुनाव प्रभारी पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कांवरे ने इस पर मोहर लगा दी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा अगर सर्वमान्य सहमति बनती है तो जबलपुर में भी इंदौर का फार्मूला लागू किया जाएगा. यानि किसी विधायक को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया जा सकता है.

4 विधायक पद एक
जबलपुर में वर्तमान में कांग्रेस के 4 विधायक हैं. अगर इंदौर के फॉर्मूले पर कांग्रेस चलती है तो इन्हीं 4 विधायकों में से किसी एक को महापौर का टिकट मिल सकता है.इसका मतलब ये हुआ कि बाकी नेताओं और कार्यकर्ताओं का पत्ता साफ. अब तक जो महापौर का चुनाव लड़ने का इंतज़ार कर रहे थे, वो इस रेस से बाहर कर दिए जाएंगे.
महापौर-पार्षद टिकट के लिए फायनल रायशुमारी


नगर निगम चुनाव प्रभारी हिना कांवरे ने कहा कि जबलपुर में नगरीय निकाय चुनाव के लिए अंतिम रायशुमारी की जा रही है. जबलपुर के 79 वार्ड के पार्षद प्रत्याशियों के चयन के लिए भी फायनल चर्चा की जा रही है. सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही यहां महापौर सहित पार्षदों के टिकट का भी ऐलान कर दिया जाएगा.

पहली बार 4 विधायक
जबलपुर नगर निगम बीजेपी का गढ़ माना जाता है. पिछले 15 साल से कांग्रेस के तमाम प्रयास भी उसे सत्ता में वापस नहीं ला सके हैं. इस बार परिस्थितियां थोड़ी सी उलट है. जबलपुर में 2018 के विधानसभा चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ जब कांग्रेस के चार विधायक यहां से चुने गए. लिहाजा कांग्रेस को उम्मीद है कि इन चार विधायकों के सहारे वो नगर सत्ता पर वापसी कर सकती है.
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