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अब मालगाड़ी से फटाफट पहुंचेगा सामान, पश्चिम-मध्य रेलवे के इस कमाल के बारे में जरूर पढ़ें

अब मालगाड़ी से फटाफट पहुंचेगा सामान, पश्चिम-मध्य रेलवे के इस कमाल के बारे में जरूर पढ़ें

jabalpur-West Central Railway news. पश्चिम मध्य रेलवे में मालगाड़ियों की स्पीड देश के मुकाबले 13 फीसदी ज्यादा है.

jabalpur-West Central Railway news. पश्चिम मध्य रेलवे में मालगाड़ियों की स्पीड देश के मुकाबले 13 फीसदी ज्यादा है.

Indian Railway News. पश्चिम मध्य रेलवे (West Central Railway) ने पिछले कुछ साल में रेल पटरियों और आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए तेज गति से काम किया है. इसका नतीजा ये हुआ कि वर्ष 2021-22 में दिसम्बर माह तक फ्रेट ट्रेन की गति लगभग 58 kmph हो गयी है. इस तरह भारतीय रेलवे में पश्चिम मध्य रेलवे सबसे आगे हो गया है.

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जबलपुर. अगर आप पश्चिम मध्य रेलवे (West Central Railway) के किसी इलाके में रहते हैं और कोई सामान पहुंचाना या मंगवाना है तो ये खबर जरूर पढ़िए. पमरे मालगाड़ी से अब पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से सामान एक से दूसरी जगह पहुंचा रहा है. पश्चिम मध्य रेल मंडल ने अपने जोन से चलने वाली मालगाड़ियों (Freight Trains)की स्पीड बढ़ा दी है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मंडल ने ट्रैक में काफी सुधार किये हैं इससे ट्रेनों और मालगाड़ियों दोनों की स्पीड बढ़ गयी है.

पश्चिम मध्य रेलवे ने पिछले कुछ साल में रेल पटरियों और आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए तेज गति से काम किया है. इसका नतीजा ये हुआ कि  वर्ष 2021-22 में दिसम्बर माह तक फ्रेट ट्रेन की गति लगभग 58 kmph हो गयी है. इस तरह भारतीय रेलवे में पश्चिम मध्य रेलवे सबसे आगे हो गया है.

व्यापारियों को लाभ
पूरे भारतीय रेलवे में ऐसा करने वाला पश्चिम मध्य रेलवे पहला जोन बन गया है. यहां मालगाड़ियों की औसत गति सबसे अधिक हो गई है. यहां मालगाड़ियां अधिक गति से अपने गंतव्य की ओर चल रही हैं. इस वजह से माल की ढुलाई ज्यादी तेजी से हो रही है. व्यापरियों को उनका माल जल्दी मिल रहा है. पिछले दस महीनों से पश्चिम मध्य रेलवे फ्रेट ट्रेन की औसत गति में वृद्धि बनाये हुए है.

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पश्चिम-मध्य रेलवे सबसे आगे
वित्तीय वर्ष 2021-2022 में दिसंबर तक पश्चिम मध्य रेलवे में मालगाड़ियों की औसत गति बढ़कर 57.70 किमी प्रति घंटे हो गयी है. जबकि पिछले साल 2020-2021 में  दिसम्बर तक औसत गति 51.18 किमी प्रति घंटे थी. जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत अधिक है. अगर पूरे भारतीय रेलवे की तुलना की जाए तो वर्ष 2021-2022 में दिसम्बर तक फ्रेट ट्रेन की गति सिर्फ 44.40 किमी प्रति घंटा है. इस प्रकार पिछले दस महीनों में पश्चिम मध्य रेल लगातार मालगाड़ियों की औसत गति को भारतीय रेल में सर्वोच्च स्थान पर बनाए हुए है.

ऐसे बढ़ी स्पीड
मालगाड़ियों की स्पीड बढ़ाने के पीछे पश्चिम मध्य रेलवे का अथक प्रयास है. इसके लिए मंडल ने आधारभूत संरचना का विकास किया और पमरे में रेल लाइन का सौ फीसदी विद्युतीकरण कर दिया गया. तीनों मण्डलों के मुख्य रेलखण्डों बीना-कटनी, इटारसी-बीना, बीना-कोटा, भोपाल-बीना एवं नागदा-मथुरा खंडों पर मालगाड़ियों की 75 kmph अधिकतम गति सीमा बढ़ाई गई. कोटा यार्ड में 50 kmph और गंगापुरसिटी में 70 kmph की स्पीड थी. इस प्रतिबंध (पीएसआर) को पमरे ने हटाया.

डबल और ट्रिपल लाइन
पश्चिम मध्य रेलवे ने अपने जोन में रेल लाइन दोहरी और तिहरी तक कीं. बॉंरा-सालपुरा, सोगरिया-भौरा, अशोकनगर-ओर-गुना-पीलीघाट, सतना-कैमा, न्यूकटनी-कटंगिखुर्द, भौरा-बिजोरा रेलखंडों पर दोहरी लाइन डाली गयीं. जबकि रानी कमलापति-बरखेड़ा, इटारसी-बुदनी, सागर-नारियावाली,  लिधोराखुर्द-मकरोनिया, हरदुआ-रीठी, खुरई-मालखेड़ी और बीना-कंजीया रेलखण्डों पर तिहरीकरण किया गया. बागरातवा-गुरमखेड़ी, कटंगिखुर्द-सलहना, मझगवां-टिकरिया और टिमरनी-पगढाल के ब्लॉक सेक्शनों में 4 इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नल लगाए गए.

पमरे ने किये कई सराहनीय काम
पश्चिम मध्य रेलवे ने ट्रेनों और मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ाने के लिए और भी कई काम किये. इसमें सबसे महत्वपूर्ण था ट्रेनों का समय पर चलना और समय पर पहुंचना. इसके लिए लाइन डबल-ट्रिपल करने के साथ साथ, सिग्नल, ट्रैफिक ब्लॉक, देरी होने पर विश्लेषण और टर्मिनल पर माल उतारने-चढ़ाने में तेजी और इंटरचेंज प्वाइंट पर डिटेंशन कम करना शामिल है.

Tags: Indian Railways, Irctc, Jabalpur news

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