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Facebook पर फेक अकाउंट बनाकर लिखा- मां बीमार हैं, और बैंक खाते में डलवा लिए सवा दो लाख रुपये

Prateek Mohan Awasthi | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 20, 2019, 5:50 PM IST
Facebook पर फेक अकाउंट बनाकर लिखा- मां बीमार हैं, और बैंक खाते में डलवा लिए सवा दो लाख रुपये
युवक को फेक facebook अकाउंट के ज़रिए ठगा

सायबर सेल एसपी अंकित शुक्ला ने लोगों से अपील की है कि पैसे के लेन-देन के मामले सोशल मीडिया या वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के ज़रिए ना करें.

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जबलपुर. साइबर अपराधियों (Cyber criminals) ने जबलपुर (jabalpur) के एक युवक को 3 हज़ार डॉलर की चपत लगा दी. ये युवक फिलहाल अमेरिका (America) में है. बदमाशों ने ठगी के लिए मां को भी नहीं बख़्शा. मां की बीमारी के नाम पर पैसे वसूल लिए गए. अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाले जबलपुर के पलाश जैन को साइबर बदमाशों ने चूना लगा दिया. बदमाश इतने शातिर हैं कि उन्होंने पलाश के एक दोस्त के नाम से फर्ज़ी फेसबुक आईडी बनायी और मां की बीमारी के नाम पर पैसे मांगे. दोस्त की मां के नाम पर पलाश भावुक हो गए और उन्होंने फौरन 3 हज़ार डॉलर यानि सवा दो लाख उसके अकाउंड में डाल दिए. बाद में दोस्त से बात होने पर पता चला कि उन्हें तो किसी शातिर ने ठग लिया.

पिता ने की शिकायत
पलाश के पिता अजय जैन ने स्टेट साइबर सेल में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है. अजय जैन के मुताबिक, उनके बेटे पलाश का अनुराग पांडेय नाम का एक युवक जिगरी दोस्त है. शातिर बदमाशों ने अनुराग के नाम से फेसबुक पर फेक अकाउंट बनाया और उसमें अनुराग की मां के बीमारी होने की बात कही. जब पलाश ने अपने दोस्त अनुराज पांडेय से बात की तो पूरे फर्जीवाड़े की कलई खुल गई. आनन-फानन में पलाश ने अपने पिता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी.

फरीदाबाद का है बैंक अकाउंट

मामले की विवेचना कर रहे साइबर सेल प्रभारी विपिन ताम्रकार के मुताबिक, कैलिफोर्निया में हुई हाईटेक ठगी का जाल जबलपुर सहित दिल्ली तक फैला है. अनुराग के नाम से बनाए गए फेक अकाउंट में जिस बैंक का अकाउंट नंबर दिया गया था, वो फरीदाबाद के कोटक महिंद्रा बैंक का है. पलाश ने इसी खाते में 3000 डॉलर यानी करीब सवा दो लाख रुपए डाले हैं. जिसने इस वारदात को अंजाम दिया वो पलाश और अनुराग की दोस्ती से वाकिफ था.

एसपी की अपील
साइबर सेल एसपी अंकित शुक्ला के मुताबिक, इस फर्जीवाड़े में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी वीपीएन का इस्तेमाल भी किया गया होगा. उन्होंने लोगों से अपील की है कि पैसे के लेन-देन के मामले सोशल मीडिया या वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के ज़रिए ना करें. अगर पलाश ने सीधे अपने दोस्त से फोन पर बातचीत की होती तो वो ठगी का शिकार नहीं होता.
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First published: November 20, 2019, 4:09 PM IST
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