CM कमलनाथ ने शुरू की 'मुख्यमंत्री आवास मिशन' योजना, प्रदेश के शहरी गरीबों को मिलेगा पक्‍का मकान

Virendra Singh | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 11, 2019, 7:03 PM IST
CM कमलनाथ ने शुरू की 'मुख्यमंत्री आवास मिशन' योजना, प्रदेश के शहरी गरीबों को मिलेगा पक्‍का मकान
कमलनाथ ने शहरी गरीबों को दिया गिफ्ट.

सीएम कमलनाथ (Chief Minister Kamal Nath) ने झाबुआ से मुख्यमंत्री आवास मिशन (Chief Minister Housing Mission) की शुरुआत की है. इस योजना के तहत शहरी गरीबों को पक्‍के मकान मिलेंगे.

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झाबुआ. मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ (Chief Minister Kamal Nath) आज झाबुआ पहुंचे और इस दौरान उन्होंने आदिवासी, किसानों और महिलाओं को कई सौगातें दीं. उन्होंने मंच से कहा कि आदिवासियों (tribals) ने कांग्रेस का साथ दिया और प्रदेश में उनकी सरकार बनी है. हम आपके भरोस पर खरा उतरेंगे और अपनी नीति और नियत का परिचय देंगे. जबकि सीएम ने मुख्यमंत्री आवास मिशन (Chief Minister Housing Mission) को लेकर कहा, 'आज उन्हें काफी सारे आवेदन मिले हैं. 15 साल आपके साथ धोखा हुआ. आप कांग्रेस को मौका दें, कमलनाथ को मौका दें. आपको आवेदन देने की जरूरत नहीं पड़ेगी. झाबुआ का झंडा विधानसभा में लहराएगा.'

सरकार की इस योजना से सुधरी शहरी गरीबों की हालत
झाबुआ से कमलनाथ ने 'मुख्यमंत्री आवास मिशन' शुरुआत की, जिसके तहत शहरी गरीबों के लिए 5 लाख आवास का निर्माण किया जाएगा. सीएम ने कहा कि मकान सबका सपना होता है और हम प्रदेश के हर नागरिक को मकान उपलब्‍ध करवाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. जिनके पास मकान के लिए जमीन नहीं उन्हें पट्टे वितरित किए जाएंगे और जिनके मकान कच्चे हैं, उन्हें बनवाने के लिए सरकार राशि देगी.

आपको बता दें कि इसके लिए प्रति मकान एक से डेढ़ लाख रुपए लागत तक की भूमि का फ्री स्वामित्व और मकान निर्माण के लिए अन्य योजनाओं में कन्वर्जेंस से प्रति आवास 2 लाख 50 हजार रुपए अनुदान की राशि दी जाएगी. मलिन बस्तियों के हितग्राहियों को 3 लाख रुपए प्रति आवास और अन्य हितग्राहियों को डेढ़ लाख रुपए अनुदान दिया जाएगा. भूमि एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रति आवास एक लाख 75 हजार से 2 लाख 25 हजार रुपए तक दिये जाएंगे.

आदिवासियों के लिए उठाया ये कदम
झाबुआ पहुंचे सीएम ने आदिवासियों के लिए कई सौगातें दीं. मुख्यमंत्री मदद योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को गैस कनेक्शन वितरित किए. ये समूह स्कूलों, आंगनवाड़ी के लिए भोजन तैयार करते हैं, लेकिन चुल्हे पर खाना पकाना मजबूरी थी. जिले में 900 से ज्यादा समूह हैं, जिनमें आदिवासी महिलाओं की भागीदारी काफी ज्यादा है. ऐसे में प्रदेश सरकार की ये योजना इनके लिए बड़ी राहत बन कर आई है. इसके साथ योजना के तहत सामूहिक आयोजन के लिए सरकार समूहों को बर्तन भी वितरित कर रही है, वहीं जन्म-मरण के कार्यक्रमों के लिए 89 आदिवासी विकासखंड़ में गेहूं और चावल भी उपलब्ध करवाएगी.

झाबुआ के लिए सीएम के निर्देश पर मंत्री पीसी शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा कि झाबुआ के जिले में आदिवासियों के प्रमुख तीर्थ और धार्मिक स्थलों पर मेला आयोजन के लिए सरकार राशि उपलब्ध करवाएगी, जिसमें आदिवासियों की आस्था के बड़े केन्द्र बाबा देव मंदिर समोई और प्राचीन तीर्थ स्थल देवझिरी विशेष तौर पर शामिल हैं.
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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया ये काम
झाबुआ में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकापर्ण किया, जिसमें गांवों के मुख्यमंत्री पेयजल योजना, स्वास्थय सुविधा बढ़ाने के मकसद से नवीन अस्पताल निर्माण और उन्नयन भी शामिल है. झाबुआ में सीएम कमलनाथ का दौरा सियासी तौर भी काफी महत्वपूर्ण है, क्‍योंकि झाबुआ सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है. इस दौरान सीएम ने कहा कि आप लोगों ने 15 साल कलाकारी की राजनीति देखी, लेकिन विश्वास की राजनीति अब हो रही है. उधर झाबुआ का आदिवासी भी मानता है कि काम पहले से बेहतर हुआ है, खासकर किसान कर्ज माफी और मुख्यमंत्री मदद योजना से झाबुआ जिले के आदिवासी काफी खुश हैं.

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First published: September 11, 2019, 6:28 PM IST
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