अस्पताल पर लटका था ताला, महिला ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं किस कदर चरमराई हुई है, इसका नजारा झाबुआ में देखने को मिला. दर्द से कराहती भांडाखेड़ा की प्रसूता डिलीवरी के लिए जब कुंदनपुर के सरकारी अस्पताल पहुंची तो अस्पताल के गेट पर ताला मिला.

News18 Madhya Pradesh
Updated: July 20, 2019, 2:52 PM IST
अस्पताल पर लटका था ताला, महिला ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म
स्वास्थय केंद्र में ताला लगा होने के कारण रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई. कुछ महिलाओं ने इस दौरान उनकी मदद की.
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Updated: July 20, 2019, 2:52 PM IST
मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं किस कदर चरमराई हुई है, इसका नजारा झाबुआ में देखने को मिला. दर्द से कराहती भांडाखेड़ा की प्रसूता डिलीवरी के लिए जब कुंदनपुर के सरकारी अस्पताल पहुंची तो अस्पताल के गेट पर ताला मिला. जिसे देखकर उसकी उम्मीदें दम तोड़ने लगीं. परिजनों ने प्रसूता को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए 108 को भी मदद के लिए बुलाया लेकिन 108 एंबुलेंस भी नहीं पहुंची. फिर हिम्मत जुटा कर परिजन उसे लेकर पिटोल अस्पताल की ओर बड़े लेकिन रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई. कुछ महिलाओं ने इस दौरान उनकी मदद की.

सड़क पर हुई महिला की डिलीवरी, Delivery of women on the road
उप स्वास्थ केन्द्र कुन्दनपुर जहां ताला लगा होने के कारण भांडाखेड़ा की प्रसूता डिलीवरी सड़क पर करानी पड़ी.


अधिकारी कह रहे है जांच की बात

सरकारी अस्पतालों में इस तरह के मामले सामने आना नई बात नहीं है. मॉनिटरिंग न होने के कारण अक्सर कर्मचारी लापरवाह हो जाते हैं. अब महिला कर्मचारी स्वास्थ्य केंद्र में ताला लगा होने पर अपनी सफाई दे रही है. उसका कहना है कि उसके रिश्तेदार की तबीयत अचानक खराब होने के कारण चली गई थी.  इस वजह से केंद्र पर ताला था. इस लापरवाही के बाद अधिकारी जांच की बात  कह रहे हैं. लेकिन जिस तकलीफ से महिला को गुजरना पड़ा उसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए सिस्टम, कर्मचारी या 108 एंबुलेंस. अब हम यही उम्मीद कर सकते है कि स्वास्थ्य जो हुआ उससे सबक लेगा.

सड़क पर हुई महिला की डिलीवरी, Delivery of women on the road
भांडाखेड़ा की प्रसूता दीतू जिसने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया, मां-बेटी दोनों स्वस्थ हैं.


प्रसूता और नवजात दोनों स्वस्थ

भांडाखेड़ा गांव की प्रसूता दीतू और उसका नवजात दोनों स्वस्थ है. प्रसूता दीतू के परिजन अब स्वास्थ्य केंद्र के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वही जिला स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि हम प्रसूता के घर गए थे. मां-बेटी दोनों स्वस्थ हैं. उन्हें अस्पताल लाने की कोशिश भी की गई, लेकिन वो नहीं आए. उन्हें जरूरी उपचार और सलाह दी गई है.
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(रिपोर्ट-विरेंद्र सिंह राठौर)

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First published: July 20, 2019, 2:52 PM IST
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