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Video: पानी नहीं बरसा तो निकाल दी जिंदा आदमी की शव यात्रा, जानें क्या है मामला...

Video: पानी नहीं बरसा तो निकाल दी जिंदा आदमी की शव यात्रा, जानें क्या है मामला...

झाबुआ में बारिश नहीं हो रही है. बारिश के इंतजार में वहां के लोगों ने अब इंद्र देवता को मनाने को लेकर टोने टोटकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है.

झाबुआ में बारिश नहीं हो रही है. बारिश के इंतजार में वहां के लोगों ने अब इंद्र देवता को मनाने को लेकर टोने टोटकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है.

झाबुआ में बारिश नहीं हो रही है. बारिश के इंतजार में वहां के लोगों ने अब इंद्र देवता को मनाने को लेकर टोने टोटकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है. इसके लिए झाबुआ शहर में एक जिंदा आदमी की अर्थी निकाली गई.

झाबुआ. झाबुआ (Jhabua) में बारिश नहीं हो रही है. बारिश (rain) के इंतजार में वहां के लोगों ने अब इंद्र देवता को मनाने को लेकर टोने टोटकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है. इसके लिए झाबुआ शहर में एक जिंदा आदमी की अर्थी निकाली गई. इंद्र देवता को प्रसंन करने के लिए ग्रामीण इस तरह के टोटकों का सहारा लेते हैं. लोगों का मानना है कि इस तरह के टोटकों से इंद्र देवता प्रसंन होते हैं और बदरा जमकर बरसते हैं.

बारिश का इंतजार कर रहे लोगों ने अर्थी पर लेटे इस शख्स की यात्रा निकाली तो सब कोई हैरान था. अर्थी पर लेटे व्यक्ति का नाम अशोक है. अशोक का कहना है कि जिले में किसान बोवनी कर चुके हैं. फसलें सूखने की कगार पर हैं. ऐसे में जल्द पानी नहीं बरसा तो किसानों की हालत खराब हो जाएगी. इसलिए जब इस तरह के हालात होते हैं तो इस तरह शव यात्रा निकालते हैं.



जिले में अब तक मानसून की बेरूखी दिखाई दे रही है. लोग बेसब्री से बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं. कई जगहों पर किसानों को दोबार बोवनी करने की खतरा मंडरा रहा है. इससे पहले ही बीज काफी महंगा मिल रहा है. ऐसे में अगर दोबारा बोवनी करनी पड़ी तो किसानों की हालत खराब हो जाएगी. सोयाबीन का बीज इस साल बाजार में 10 से 12 रुपये क्विंटल बिका है.
शुरू हुआ मंनतों और टोने- टोटकों का दौर

हर तरफ अब बारिश के लिए मंनतें करने, पूजा और टोने-टोटकों का दौर शुरू हो चुका है. सबकी यही आस है कि जल्द बारिश हो और सूखती फसलों को नया जीवन दान मिले. झाबुआ जिले में मुख्य मक्का और सोयाबीन की फसल की जाती है. जिले में अधिकांश गरीब आदिवासी अपने खेतों में मक्का की फसल लगाते हैं, जो अब सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है. मक्का झाबुआ के ग्रामीण इलाकों में मुख्य भोजन भी है.

Tags: Drought, Jhabua farmer, Jhabua news, Madhya pradesh news, Rain, Superstition, झाबुआ सूखा

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