पिछले 4 दिनों में 23 बच्चियों ने क्यों छोड़ा खंडवा का ये छात्रावास?
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पिछले 4 दिनों में 23 बच्चियों ने क्यों छोड़ा खंडवा का ये छात्रावास?
सरकारी स्‍कूलों में दाखिला लेने वाले छात्रों में लड़कियों की संख्‍या ज्‍यादा है.

कन्या छात्रावास (Girls Hostel) में इन दिनों हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं बुरी तरह से डरी सहमी हैं. किसी अनहोनी के डर से मासूम बच्चियां एक-एक कर हॉस्टल छोड़कर जा रही हैं. पिछले 4 दिनों में 23 बच्चियों ने हॉस्टल छोड़ दिया है.

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खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा (Khandwa) ज़िले के छैगांवमाखन स्थित कन्या छात्रावास की छात्राएं लगातार हॉस्टल छोड़कर जा रही हैं. पिछले 4 दिन में ये संख्या 23 पहुंच चुकी है. छात्राओं ने बताया कि यहां की एक छात्रा अचानक से हॉस्टल के अंदर अजीब अजीब हरकतें करने लगी और आवाजें निकालने लगी. इससे डरकर हॉस्टल की अन्य छात्राओं ने खुद को अपने-अपने कमरों में बंद कर लिया. छात्रा की बिगड़ती तबियत को देखकर हॉस्टल अधीक्षिका ने बच्ची को तत्काल रात में ही अस्पताल में उपचार के लिए भेजा.

डरने लगी बच्चियां
इसके बाद ऐसा ही घटनाक्रम दूसरी बच्चियों के साथ भी हुआ. इन घटनाओं को बुरी आत्माओं का प्रकोप मानते हुए बच्चियां डरने लगीं. कुछ छात्राओं ने हॉस्टल के अंदर चहलकदमी करते हुए किसी को देखा भी. लिहाजा परीक्षा के इस मौसम में बच्चियां हॉस्टल खाली कर अपने-अपने घर चली गईं. अबतक करीब 23 बच्चियां अपने-अपने घर जा चुकी है.

उच्चाधिकारियों को दी जानकारी
हॉस्टल अधीक्षिका दीप्ती जगताप ने इस घटना आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों को दी. हालांकि उन्होंने इस घटनाक्रम को सामान्य बताया है. मामले की तसदीक करने के लिए हॉस्टल में एक टीम भी भेजी गई, जिसने बच्चों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. छैगांवमाखन उत्कृष्ट उच्चतर माध्मिक स्कूल के प्राचार्य बीएस मंडलोई ने इन बच्चों की काउंसलिंग करवाने की बात कही है.



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