खंडवा लोकसभा सीट: इस बार किसका पलड़ा होगा भारी ?

बीजेपी के नंदकुमार चौहान सबसे ज्यादा बार जीतने वाले सांसद हैं. यहां की जनता ने उनको पांच बार चुनकर संसद पहुंचाया है

Puja Mathur | News18 Madhya Pradesh
Updated: May 16, 2019, 5:40 PM IST
खंडवा लोकसभा सीट: इस बार किसका पलड़ा होगा भारी ?
अरुण यादव and नंद कुमार चौहान
Puja Mathur | News18 Madhya Pradesh
Updated: May 16, 2019, 5:40 PM IST
खंडवा लोकसभा सीट से बीजेपी के नंदकुमार चौहान सबसे ज्यादा बार जीतने वाले सांसद हैं. यहां की जनता ने उनको पांच बार चुनकर संसद पहुंचाया है. 2009 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2014 में उन्होंने इस सीट पर वापसी की और जीत दर्ज की. इस बार नंदकुमार सिंह चौहान के खिलाफ कांग्रेस ने अरूण यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है.

खंडवा में लोकसभा का पहला चुनाव 1962 में हुआ था. कांग्रेस के महेश दत्ता ने पहले चुनाव में जीत हासिल की. कांग्रेस ने इसके अगले चुनाव 1967 और 1971 में भी जीत हासिल की. 1977 में भारतीय लोकदल ने इस सीट पर कांग्रेस को हरा दिया.



कांग्रेस ने इस सीट पर वापसी 1980 में की. तब शिवकुमार सिंह ने इस सीट पर कांग्रेस की वापसी कराई थी. कांग्रेस ने इसका अगला चुनाव भी जीता.1989 में बीजेपी ने पहली बार इस सीट पर जीत हासिल की. हालांकि बीजेपी की खुशी ज्यादा दिन नहीं टिकी. और 1991 में उसे कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा.

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1996 में बीजेपी की ओर से नंदकुमार चौहान मैदान में उतरे और उन्होंने खंडवा में बीजेपी की वापसी कराई. वे अगला 3 चुनाव जीतने में भी कामयाब रहे. 2009 में अरुण सुभाष चंद्रा ने यहां पर कांग्रेस की वापसी कराई. 2009 में हारने के बाद नंदकुमार ने एक बार फिर यहां पर वापसी की और अरुण सुभाष चंद्र को मात दी. बीजेपी को यहां पर 6 बार तो कांग्रेस को 7 बार जीत मिली है.

खंडवा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं. बगाली, पंधाना, भीखनगांव, मंधाता, नेपानगर,बदवाह, खंडवा और बुरहानपुर यहां की विधानसभा सीटें हैं. यहां की 8 विधानसभा सीटों में से 3 पर बीजेपी, 4 पर कांग्रेस और एक सीट पर निर्दलीय का कब्जा है.

बीजेपी ने खंडवा सीट से एक बार फिर नंदकुमार सिंह चौहान को अपना उम्मीदवार बनाया है. अब तक खंडवा से 5 बार के सांसद रह चुके हैं. 2009 के चुनाव को छोड़ कभी चुनाव नहीं हारे हैं.
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पार्टी ने नंदकुमार चौहान को फिर से टिकट इसलिए दिया क्योंकि उनकी इस क्षेत्र में अच्छी पकड़ है. पार्टी का जिताऊ चेहरा हैं. क्षेत्र में सक्रिय नेता हैं. मालवा निमाड़ में पार्टी का सवर्ण चेहरा भी हैं. पार्टी और आला नेताओं की पहली पसंद हैं.

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उधर कांग्रेस ने खंडवा से अरूण यादव को प्रत्याशी बनाया है. 2009 में खंडवा से लोकसभा चुनाव जीतकर केंद्रीय राज्यमंत्री बने. 2013 में प्रदेश अध्यक्ष बने. राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं. भाई सचिन यादव और पिता सुभाष यादव की छवि का चुनाव में लाभ मिलेगा.

क्षेत्र के मुद्दों की बात करें तो,
-रूधि ग्रोथ सेंटर महंगी जमीन में नहीं पनपे उद्योग
-दाल मिल, जीनिंग फैक्ट्री बंद
-इंदौर-इच्छापुर राजमार्ग फोरलेन अधूरा
-खंडवा रिंग रोड, बायपास अधूरा
-बुरहानपुर के 10-12 हजार पावरलूम बंद
-सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में स्थानीय बेरोजगारों का मुद्दा
-नर्मदा जल योजना का लाभ नहीं मिला
-बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था

खंडवा लोकसभा सीट पर कुल 18 लाख 90 हजार 760 वोटर हैं. इनमें से 9 लाख 74 हजार 505 पुरुष और 9 लाख 16 हजार 178 महिला वोटर हैं. 2014 लोकसभा चुनाव में खंडवा सीट बीजेपी के खाते में गई थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 71.48 फीसदी मतदान हुआ था. बीजेपी के नंदकुमार सिंह चौहान को 2014 में 57.84 फसदी वोट मिले. कांग्रेस के अरुण यादव को 2014 में 36.90 प्रतिशत वोट मिले थे. 2014 के चुनाव में आम आदमी पार्टी 1.34 फीसदी वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थी.

लोकसभा क्षेत्र की 8 विधान सभाओं में कांग्रेस का पलड़ा भारी है. इन 8 सीटों में से 4 पर कांग्रेस और 3 पर बीजेपी का कब्जा है.1 सीट निर्दलीय के पास है.
जातीगत समीकरण की बात करें तो
सामान्य - 19.8%
ओबीसी - 24.3%
एससी/एसटी - 39.2%
अल्पसंख्यक-14.6%
अन्य- 3.3%

66 साल के नंदकुमार चौहान 2014 का चुनाव जीतकर पांचवीं बार सांसद बने. पेशे से किसान नंदकुमार ने बीए की पढ़ाई की है. संसद में उनके प्रदर्शन की बात करें तो 16वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 54 फीसदी रही. वे 7 बहस में हिस्सा लिए. उन्होंने संसद में 6 सवाल किया. नंदकुमार चौहान को उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 22.50 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे. जो कि ब्याज की रकम मिलाकर 22.86 करोड़ हो गई थी. इसमें से उन्होंने 19.54 यानी मूल आवंटित फंड का 85.07 फीसदी खर्च किया. उनका करीब 3.32 करोड़ रुपए का फंड बिना खर्च किए रह गया.

इस बार खंडवा की लड़ाई में जान डालने खुद पीएम मोदी और राहुल गांधी मैदान में कूदे हैं. खंडवा में दोनो दलों के दिग्गजो ने सभाएं कर जनता के साथ कनेक्ट किया है. ये कनेक्शन जिसका दमदार है ये चुनावी नतीजो में ही खुलासा हो पाएगा.

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