GST से पावरलूम उद्योग पर संकट छाया, व्यवसायी कर रहे हैं ये मांग...
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GST से पावरलूम उद्योग पर संकट छाया, व्यवसायी कर रहे हैं ये मांग...
GST से आया पावरलूम उद्योग पर संकट

पिछले चार महीने से बुनकरों को सप्ताह में सातों दिन काम नहीं मिल रहा है. कपड़ा उद्याोग में आई मंदी के चलते बुरहानपुर में भी 30 प्रतिशत उत्पादन घटा है.

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जीएसटी ने बुरहानपुर (Burhanpur) के पावरलूम उद्योग (Powerloom Industry) को वेंटिलेटर पर रखकर दिया है. कपड़े की मांग घटने से उद्योगपतियों ने भी उत्पादन कम कर दिया है. यही वजह है कि गरीब बुनकरों को सप्ताह में 3 से 4 दिन काम ही मिल पा रहा है. उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. यह समस्या 5 या 10 बुनकरों के साथ नहीं है बल्कि यहां के करीब 70 हजार बुनकर इस समस्या से जूझ रहे हैं. इसके बावजूद केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान इस ओर नहीं है.

मंदी की दौर से गुजर रहा बुरहानपुर पावरलूम उद्योग

बुरहानपुर की धड़कन कहा जाने वाला पावरलूम उद्योग (Powerloom Industry) इन दिनों आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है. मंदी की वजह से बुनकरों के सामने परिवार का भरण पोषण करना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है. पिछले चार महीने से बुनकरों को सप्ताह में सातों दिन काम नहीं मिल रहा है. कपड़ा उद्याोग में आई मंदी के चलते बुरहानपुर में करीब 30 प्रतिशत उत्पादन घटा है. इसके चलते हालात ये है कि लाखों रूपए का माल तैयार है लेकिन बाजार में उसकी मांग ही नहीं है. बड़े व्यापारी कपड़ा नहीं खरीद रहे हैं.



बुनकरों को सप्ताह में 3 से 4 दिन ही काम मिल पा रहा है. जीएसटी लागू होने के बाद से ही कपड़ा बाजार मंदी से जुझ रहा है.
बुनकरों को सप्ताह में 3 से 4 दिन ही काम मिल पा रहा है. जीएसटी लागू होने के बाद से ही कपड़ा बाजार मंदी से जुझ रहा है.

केंद्र सरकार से GST आसान करने की मांग

बुनकर नेताओं की मानें तो बुरहानपुर में करीब 40 हजार पावरलूम (Powerloom) हैं. इस उद्योग से करीब 70 हजार बुनकर अपनी रोजी रोटी कमाते हैं. उनके अनुसार इस स्थिति के पैदा होने की सबसे बड़ी वजह जीएसटी है. यदि केंद्र सरकार जीएसटी में सरलीकरण करे और राज्य सरकार बिजली दरों में रियायत दे तो स्थिति में सुधार आ सकता है. इसके साथ ही उनलोगों का कहना है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बुनकरों के सामने आंदोलन के सिवाय कोई और रास्ता नहीं बचेगा.

जीएसटी की वजह से बुरहानपुर समेत अन्य स्थानों में तैयार होने वाले कपड़ों की लागत अधिक होने से ज्यादा महंगी बिक रही हैं
जीएसटी की वजह से बुरहानपुर समेत अन्य स्थानों में तैयार होने वाले कपड़ों की लागत अधिक होने से ज्यादा महंगी बिक रही है


पावरलूम उद्योगपतियों की मानें तो केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से कपड़ा उद्योग में आज मंदी छाई हुई है. भारत के कपड़ा उद्योग को सबसे बड़ी चुनौती चीन और बांग्लादेश में तैयार होने वाले कपड़े दे रहे हैं. चीन और बांगलादेश से आयात होने वाले कपड़े विभिन्न तरह की छूटों के चलते बाजार में सस्ते बिक रहे हैं. जीएसटी की वजह से बुरहानपुर समेत अन्य स्थानों में तैयार होने वाले कपड़ों की लागत अधिक होने से ज्यादा महंगी बिक रही हैं, जिसके चलते बड़े उद्योगपति भी बाजार में नहीं टिक पा रहे हैं. कपड़ा उद्योगपतियों ने चेतावनी दी है कि हम केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे.

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