कर्जमाफी की घोषणा के बावजूद खंडवा में किसान ने की आत्महत्या
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कर्जमाफी की घोषणा के बावजूद खंडवा में किसान ने की आत्महत्या
खंडवा - किसान द्वारा आत्महत्या करने के बाद से पंधाना में राजनीति होने लगी है.

किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद से कर्जमाफी की घोषणा के बीच खंडवा में कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है.

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खंडवा में कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने आत्महत्या कर ली. मिली जानकारी के अनुसार खंडवा जिले के पंधाना क्षेत्र में एक किसान जुवान सिंह ने बैंक और सोसायटी के कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या कर ली. किसान जुवान सिंह पर 5 लाख से ज्यादा का कर्ज पंधाना सोसायटी और स्टेट बैंक पर था. घटना की जानकारी लगते ही मौके पर पंधाना की तहसीलदार ने जाकर स्थिति का जायजा लिया.

किसान जुवान सिंह के बेटे ने बताया कि उसके पिता बैंक के डिफॉल्टर किसानों की सूची में हैं. वह खुद पिता के कर्ज का बोझ कम करने के लिए महाराष्ट्र में मजदूरी करता है. इसी कर्ज के कारण लड़की वालों ने उसके भाई का रिश्ता तोड़ दिया. इन कारणों से जुवान सिंह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था. सम्भवतः इसी कारण से उसने जान दे दी.

दूसरी तरफ किसान द्वार आत्महत्या करने के बाद से पंधाना में राजनीति जोरों पर होने लगी है. किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद से कर्जमाफी की घोषणा के बीच खंडवा में कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है. पंधाना से भाजपा विधायक राम डांगोरे ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार किसानों से किए गए वादे के प्रति खरा नहीं उतरी है. कांग्रेस ने किसानों की कर्ज माफी की बात तो कही है,
लेकिन इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है कि कौन- कौन से किसानों का कर्ज माफ होगा. उन्होंने कहा कि वे विधानसभा में वे इस मुद्दे को उठाएंगे. वहीं कांग्रेस नेत्री छाया मोरे ने इसे 15 साल की बीजेपी सरकार की गलत नीतियों का नतीजा बताया.
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