लापरवाह डॉक्टर को देना होगा 15 लाख का हर्जाना, इलाज के दौरान मरीज को गंवाना पड़ा था पैर
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बुरहानपुर जिला उपभोक्ता फोरम ने मरीज के इलाज में असावधानी बरतने और सेवा में कमी पाते हुए इलाज करने वाले डॉक्टर को 15 लाख रुपए का हर्जाना मरीज को देने के आदेश दिए हैं.

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बुरहानपुर जिला उपभोक्ता फोरम ने शहर के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मुफद्दल बोहरा को एक मरीज के इलाज में असावधानी बरतने और सेवा में कमी पाते हुए 15 लाख रुपए का हर्जाना मरीज को देने के आदेश दिए हैं. बता दें कि तीन साल पहले बाइक दुर्घटना में घायल हुआ एक मरीज कैलाश महादेव स्थानीय हकीमी हॉस्पीटल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुफद्दल बोहरा के पास इलाज के लिए आया था. यहां डॉक्टर ने मरीज के पैर के घुटने में आई चोट के कारण उसे एक छोटा सा ऑपरेशन करवाने को कहा. लेकिन ऑपरेशन के दौरान मरीज के पैर की नस (vascular vein) कट गई. केस बिगड़ता देख डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि वे मरीज को बेहतर इलाज के लिए तुरंत इंदौर ले जाएं. घबराए परिजन जब मरीज को इंदौर के गोकुलदास अस्पताल ले गए तो वहां के डॉक्टर ने बताया कि पैर की नस कट जाने से रक्त का प्रवाह थम गया है. इस वजह से मरीज को गैगरीन हो गया है. मरीज की जान बचाने के लिए पैर काटना होगा. पैर काटे जाने से मरीज दिव्यांग हो गया मगर डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली.

मरीज ने उपभोक्ता फोरम में केस दर्ज किया

बुरहानपुर - पीड़ित का केस लड़ने वाले वकील विनोद काले




मामूली चोट का इलाज नहीं हो पाने और उलटे पैर कट जाने से दुखित हुए कैलाश ने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता फोरम की शरण ली. फोरम ने मरीज के पक्ष में फैसला देते हुए डॉक्टर को आदेश दिया है कि वह मरीज को 15 लाख रुपए हर्जाना राशि का भुगतान करे. डॉक्टर की लापरवाही से पैर गंवाने वाले कैलाश महादेव ने कहा कि इंदौर के गोकुलदास हॉस्पीटल में उनके पैर की नस नहीं जोड़ी जा सकी. इस वजह से डॉक्टरों को उनका पैर काटना पड़ा. कैलाश ने उपभोक्ता फोरम द्वारा उनके पक्ष में दिए गए फैसले के प्रति संतोष जाहिर किया.
न्यायालय ने डॉक्टर को दोषी पाया

वहीं वकील विनोद काले ने कहा कि कैलाश 16 जनवरी 2016 को अपनी बाइक से गिर गए थे. इंदौर में गोकुलदास अस्पताल में पता चला कि रक्त प्रवाह रुक जाने के कारण उनके पैर में गैगरीन हो गया है और उनका पैर काटना पड़ेगा. फिर डॉक्टरों ने उनकी पैर काट दी. उन्होंने कहा कि इस घटना से प्रताड़ित हुआ मरीज उनके पास आया तो उन्होंने बुरहानपुर में उपभोक्ता फोरम सेवा में कमी का प्रकरण दर्ज किया. उन्होंने कहा कि न्यायालय द्वारा 25 जुलाई 2019 को आवेदक के पक्ष में फैसला सुनाया गया. न्यायालय ने डॉ. मुफद्दल बोहरा को सेवा में कमी का दोषी पाया. उनके द्वारा इलाज में असावधानी बरतने के कारण ही मरीज का एक पैर काटना पड़ा और वह विकलांग हो गया. उन्होंने कहा कि न्यायालय ने पीड़ित को कुल 15 लाख 47 हजार रुपये दिए जाने के आदेश पारित किए.

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