खबर का असर: मेहलू प्राथमिक शाला की दो शिक्षिकाओं के खिलाफ होगी FIR
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खबर का असर: मेहलू प्राथमिक शाला की दो शिक्षिकाओं के खिलाफ होगी FIR
मेहलू प्राथमिक शाला के बच्चे

शिक्षिकाएं बबीता और प्रतिभा ने मिलकर शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंकने का काम किया है. दोनों शिक्षिकाएं स्कूल न आकर 100 रुपये प्रतिदिन के मानदेय पर गांव की एक महिला सपना सोनी को स्कूल की देखभाल के लिए रख लिया. दोनों शिक्षिकाएं महीने में एक-दो बार आकर रजिस्टर में अपनी हाजिरी लगाकर वापस चली जाती थी.

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खंडवा में न्यूज 18 की खबर का असर दिखा है. जिले का खालवा जनपद के मेहलू प्राथमिक शाला में पदस्थ दो शिक्षिकाओं के खिलाफ शिक्षा विभाग ने वेतन रोककर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिये हैं. दोनों शिक्षिकाओं पर कई साल से स्वयं स्कूल नहीं आकर 100 रुपये दिहाड़ी मजदूर महिला को बच्चों व स्कूल की देखभाल के लिए भेजा जा रहा था. इस खबर को न्यूज 18 ने प्रमुखता व सामाजिक जिम्मेदारी के साथ दिखाई थी, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है.

खंडवा से 90 किलोमीटर दूर मेहलू प्राथमिक शाला में 67 बच्चों का नामांकन है. इन बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल में दो शिक्षिकाएं पदस्थ है. दरअसल, खंडवा जिला मुख्यालय के अंतिम छोर पर यह स्कूल बसा हुआ है, जिसके चलते यहां नियुक्त दोनों शिक्षिकाएं बबीता और प्रतिभा ने मिलकर शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंकने का काम किया है. दोनों शिक्षिकाएं स्कूल न आकर 100 रुपये प्रतिदिन के मानदेय पर गांव की एक महिला सपना सोनी को स्कूल की देखभाल के लिए रख लिया. दोनों शिक्षिकाएं महीने में एक-दो बार आकर रजिस्टर में अपनी हाजिरी लगाकर वापस चली जाती थी.

स्कूली बच्चों का कहना है कि जिस दिन स्कूल में सपना सोनी मैम नहीं आती उस दिन बच्चों की छुट्टी हो जाती और पढ़ाई करने आये बच्चे पूरे दिन स्कूल में खेलकुद कर घर चले जाते हैं. कभी कभी कक्षा में बच्चे ही दूसरे बच्चों को पढ़ाते हैं.



मामला संज्ञान में आने के बाद न्यूज 18 ने इस खबर के माध्यम से शिक्षा विभाग की आंख खोलने की कोशिश की थी. अब शिक्षा विभाग ने कई माह से स्कूल नहीं आने वाले इस शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इनके वेतन रोक दिये हैं और दोनों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं. बहरहाल, शिक्षक का काम बच्चों की राह रौशन करना है, लेकिन यहां शिक्षिकाओं द्वारा शिक्षा का व्यवसायीकरण कर बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
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