बारिश के आगे नहीं टिक सका उम्मीदों का पुल, इस फोल्डिंग ब्रिज को देखकर इंजीनियर भी रह गए थे हैरान

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में रविवार शाम को तेज हवा और आंधी की वजह से नर्मदा नदी पर बना अस्थायी पुल टूट गया. 20 किलोमीटर के अतिरिक्त सफर को कम करने के लिए गांव के युवाओं ने इस पुल को तैयार किया था. इसके लिए 20 लाख रुपए चंदे से इकठ्ठा किए गए थे, जबकि 20 लाख रुपए का लोन लिया गया था.
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में रविवार शाम को तेज हवा और आंधी की वजह से नर्मदा नदी पर बना अस्थायी पुल टूट गया. 20 किलोमीटर के अतिरिक्त सफर को कम करने के लिए गांव के युवाओं ने इस पुल को तैयार किया था. इसके लिए 20 लाख रुपए चंदे से इकठ्ठा किए गए थे, जबकि 20 लाख रुपए का लोन लिया गया था.

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में रविवार शाम को तेज हवा और आंधी की वजह से नर्मदा नदी पर बना अस्थायी पुल टूट गया. 20 किलोमीटर के अतिरिक्त सफर को कम करने के लिए गांव के युवाओं ने इस पुल को तैयार किया था. इसके लिए 20 लाख रुपए चंदे से इकठ्ठा किए गए थे, जबकि 20 लाख रुपए का लोन लिया गया था.

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मध्य प्रदेश के हरदा जिले में रविवार शाम को तेज हवा और आंधी की वजह से नर्मदा नदी पर बना अस्थायी पुल टूट गया. 20 किलोमीटर के अतिरिक्त सफर को कम करने के लिए गांव के युवाओं ने इस पुल को तैयार किया था. इसके लिए 20 लाख रुपए चंदे से इकठ्ठा किए गए थे, जबकि 20 लाख रुपए का लोन लिया गया था.

नर्मदा नदी पर तैरने वाले इस पुल को लोहे के एंगल और नावों से जोड़कर बनाया गया था. काफी लोग इस पुल का इस्तेमाल नर्मदा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे पर पहुंचने के लिए करते हैं. हादसे के वक्त पुल पर आवाजाही नहीं के बराबर होने की वजह से किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई.

बिना इंजीनियर और सरकार के बना था पुल



नर्मदा नदी पर बनाया गया ये पुल अपने आप में खास था. गांव के 25 युवाओं ने महज 75 दिनों में 650 मीटर लंबा तैरने वाला पुल बना दिया था. इस पुल की सबसे बड़ी खासियत ये थी कि उसे फोल्ड भी किया जा सकता था, जो आजतक किसी भी ब्रिज के डिजाइन में नहीं देखा गया है.
Harda Bridge Damage

हैरानी की बात ये थी कि ये पुलिसबीकॉम पास भगवान लोधी और उसके 10वीं-12वीं पास दोस्तों ने मिलकर बनाया था. पुल बनने के बाद उसे देख इंजीनियर भी हैरान रह गए थे.

 
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