सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट की राख ही बनी खुद के लिए समस्या, 3 यूनिट बंद

सिंगाजी थर्मल पावर से निकलने वाली राख के कारण प्लांट की 4 यूनिट में से 3 यूनिट में बिजली उत्पादन ठप्प हो गया है.

Harendra Nath Thakur | News18 Madhya Pradesh
Updated: June 19, 2019, 11:41 AM IST
Harendra Nath Thakur
Harendra Nath Thakur | News18 Madhya Pradesh
Updated: June 19, 2019, 11:41 AM IST
सिंगाजी थर्मल पावर के कारण खंडवा जिले की पहचान पावर हब के रूप में बनी है पर इसी पावर प्लांट के चलते क्षेत्र के किसान पिछले चार साल से जिस राख की समस्या से जूझ रहे हैं अब उसी राख के कारण सिंगाजी थर्मल पावर की चार यूनिट में से 3 यूनिट में बिजली उत्पादन ठप्प हो गया है. राख के सही ढ़ंग से रखरखाव नहीं होने से थर्मल पॉवर के साथ स्थानीय किसानों को भी भारी नुकसान का सामना करना पढ़ रहा है. किसानों के खेत में राख घुस जा रहे हैं जिससे फसलों को भारी क्षति पहुंच रही है.

आखिर क्या है पूरा मामला

खंडवा का सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में चार यूनिट के जरिए 2520 मेगावाट बिजली बनाने का काम चलता है. लेकिन पिछले एक सप्ताह से पावर प्लांट की चार में तीन इकाई पूरी तरह से बंद हो गई है. जिसका मुख्य कारण फ्लाई ऐश है. इस फ्लाई ऐश के कारण तीन यूनिट की लाइन चोक हो गई है.

सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में कोयले से बिजली बनाई जाती है. यह कोयला राख में तब्दील होने के बाद, पाइप लाइन के माध्यम से डिस्चार्ज किया जाता है. लेकिन ठीक से रखरखाव न होने के कारण तीन यूनिट बंद हो गई है. लापरवाही का आलम ये है कि जहां ये राख डम्प की जाती है. वहां पानी का समुचित बहाव नहीं होने के कारण यह राख उड़कर किसानों के खेत में पहुंच जाती है. जिस कारण किसानों की फसले भी खराब हो जाती है जिसके चलते स्थानीय किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

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