किराने की दुकान में सामान बेचकर किया टॉप, फॉर्म भरने के भी नहीं थे पैसे
Khandwa News in Hindi

किराने की दुकान में सामान बेचकर किया टॉप, फॉर्म भरने के भी नहीं थे पैसे
अंकित जैसे होनहार छात्र ने अपनी सफलता से न सिर्फ अपनी पीढ़ी का नाम रौशन किया बल्कि खंडवा जैसे जिले का भी नाम रौशन किया.

अंकित जैसे होनहार छात्र ने अपनी सफलता से न सिर्फ अपनी पीढ़ी का नाम रौशन किया बल्कि खंडवा जैसे जिले का भी नाम रौशन किया.

  • Share this:
कहते हैं न की गरीबी कभी भी प्रतिभा की राह में रोड़ा नहीं बन सकती है. ये तो वो खुशबू है जिसे छुपाया नहीं जा सकता है. खंडवा जिले के अंकित गेलानी की कहानी भी कुछ ऐसी ही हैं. अंकित खंडवा के निजी स्कूल का होनहार छात्र रहा है. आर.टी.ई. के तहत निजी स्कूल में पढ़ने वाले इस छात्र के परिजनों के पास इतने पैसे नही थे की वो अंकित का परीक्षा फॉर्म भी भरवा पाए. लेकिन परिवार वालों ने किसी तरह बेटे की लग्न और मेहनत देखकर फॉर्म भरवाया. लिहाजा आज जब 10वीं की प्रावीण्य सूची आई तो उसमें अंकित आठवें स्थान हासिल किया. अंकित को 500 अंक में से 488 अंक मिले हैं. अंकित का सपना चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का है.

अंकित गेलानी न सिर्फ पढ़ाई में अव्वल है बल्कि उसने अपने पिता के संघर्षों को भी पास से देखा है. खंडवा के जलेबी चौक पर छोटी सी किराने की दुकान चलाने वाले पिता राजेश गेलानी ने बताया की अंकित दुकान पर आकर मेरे कामों में न सिर्फ हाथ बंटाता बल्कि मेरी गैर मौजूदगी में घंटों तक वो दूकान भी संभालता था. फिर भी उसका पढ़ाई का जुनून कम नही हुआ.

अंकित जैसे होनहार छात्र ने अपनी सफलता से न सिर्फ अपनी पीढ़ी का नाम रौशन किया बल्कि खंडवा जैसे जिले का भी नाम रौशन किया. अंकित की सफलता में उसके शिक्षकों का भी योगदान कम नही है. जिस कारण उसके शिक्षकों ने भी खुशियां जाहिर की है.



खंडवा ने इस वर्ष फिर लगातार सफलता का परचम लहराया है. बहरहाल अंकित की सफलता ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया की प्रतिभा की राह में गरीबी चट्टान बनकर रास्ता नही रोक सकता.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज