खंडवा: पहले कलेक्टर ने किसान को दिए नए कपड़े फिर सुनी फरियाद

किसान का कहना है कि इंदिरा सागर बांध की नहर के पानी से हर समय उसका खेत डूबा रहता है. खेत में किसान रबी और खरीफ की फसल नहीं कर पा रहा है. मौजीलाल इस संबध में करीब 12 साल से अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर काट रहा है.

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मध्यप्रदेश के खंडवा में कलेक्टर की उस वक्त दरियादिली देखने को मिली जब एक फटेहाल किसान चिथड़ों में लिपटे हुए अपनी फरियाद जनसुनवाई में लेकर पहुंचा. कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने पहले तो किसान मौजीलाल को नए कपड़े दिए उसके बाद उसकी फरियाद सुनी और जांच के आदेश दिए.

किसान मौजीलाल ने बताया कि वह खंडवा से 90 किलोमीटर दूर हंतिया गांव का रहने वाला है और उसकी तीन एकड़ जमीन है, लेकिन फिर भी वह दो वक्त के भोजन के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर है. किसान का कहना है कि इंदिरा सागर बांध की नहर के पानी से हर समय उसका खेत डूबा रहता है. खेत में किसान रबी और खरीफ की फसल नहीं कर पा रहा है. मौजीलाल इस संबध में करीब 12 साल से अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर काट रहा है. मौजीलाल का कहना है कि एन.वी.डी.ए. द्वारा ठीक से सर्वे नहीं होने से वह परेशान है और उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है.

मामले में खंडवा कलेक्टर विशेष गढ़पाले का कहना है कि किसान मौजीलाल का प्रकरण काफी पुराना है. एन.वी.डी.ए. द्वारा किसान की जमीन का सही तरीके से भू-अर्जन नहीं किया गया है, लिहाजा इसकी समीक्षा के लिए फिर से जांच करवाकर किसान को उचित न्याय दिलाया जाएगा. खंडवा कलेक्टर ने फरियाद सुनने से पहले जिस तरह से किसान और पीड़ित के प्रति दरियादिली दिखाई है उसके साथ अगर किसान को न्याय मिल जाता है तो वाकई जनसुनवाई सही मायने में सार्थक हो जाएगी.



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