मध्य प्रदेश की दबंग महिला IAS, फैसलों से बनी जिनकी पहचान, नहीं डरतीं तबादले से
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मध्य प्रदेश की दबंग महिला IAS, फैसलों से बनी जिनकी पहचान, नहीं डरतीं तबादले से
छवि भारद्वाज ने पुरुष नसबंदी को लेकर जारी किया था आदेश.

तन्वी सुन्द्रियाल, छवि भारद्वाज, निधि निवेदिता और दीपाली रस्तोगी मध्य प्रदेश की ऐसी महिला आईएएस अफसर हैं, जिन्हें अपने तबादले का भय नहीं. सौम्य चेहरे वाली इन महिला अफसरों ने समाज हित में सख्त फैसले लेने में कभी संकोच नहीं किया.

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शैफाली पांडेय

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा (Khandwa) जिले की कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल (Tanvi Sundriyal) इस समय पूरे देश की सुर्खियों में हैं. वजह है इनका वह फरमान, जिसमें उन्होंने सरकार के आदेश को पलटते हुए खंडवा जिले में में 17 मई तक शराब की दुकानें नहीं खोले जाने का फैसला किया है. लेकिन दबंगता से ऐसे फैसले लेने वाली एमपी में तन्वी अकेली नहीं है. हम आपकी मुलाकात करवाते हैं एमपी की ऐसी और भी महिला आईएएस अफसरों से, जिन्हें अपने तबादले का भय नहीं. सौम्य चेहरे वाली इन महिला अफसरों ने समाज हित में सख्त फैसले लेने में कभी संकोच नहीं किया. ये अफसर फैशन स्टैटमेंट से नहीं अपने फैसलों से पहचानी जाती हैं. अंजाम चाहे जो हो लेकिन ये महिला आईएएस अफसर लीक से हटकर लेती हैं फैसले और तबादलों का जोखिम भी।

'खंडवा में नहीं खुलेगी शराब की दुकान'



Tanvi Sundriyal
कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल, जिन्होंने सरकार के आदेश के खिलाफ शराब दुकानें न खोलने का आदेश जारी किया.

खंडवा जिले की कलेक्टर हैं तन्वी सुन्द्रियाल. हाल ही में इन्होंने फैसला किया कि कोरोना संक्रमण में रेड जोन में आने वाले खंडवा जिले में 17 मई तक नहीं खुलेंगी शराब की दुकानें. अपनी ओर से जारी किए गए इस आदेश की वजह बताते हुए तन्वी सुन्द्रियाल ने कहा है कि खंडवा जिला रेड जोन में शामिल है. अगर खंडवा जिले को छोड़कर आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी शराब की दुकानें खोली जाती हैं, तो खंडवा की जनता वहां पहुंचेगी, जिससे संक्रमण का खतरा बढेगा और कम्यूनिटी ट्रांसमिशन की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता. अपने इस आदेश की प्रति कलेक्टर तन्वी ने वाणिज्यिक कर मंत्रालय, आबकारी आयुक्त और इंदौर आबकारी उपायुक्त सहित दस जिम्मेदार अफसरों और लाइसेंसियों को भी भेज दी है।

'नसबंदी के लिए पुरुष जुटाओ, वरना पगार कटेगी'

दबंग महिला आईएएस छवि भारद्वाज पुरुष नसबंदी को लेकर दिए गए एक आदेश के बाद चर्चा में आई थीं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक रहते हुए छवि भारद्वाज ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था. इस नोटिफिकेश में कहा गया था कि ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों की पहचान की जाएगी जो 2019-20 में एक भी पात्र पुरुष को नसबंदी केंद्र नहीं लाएं. इसी आधार पर इनकी पगार रोकी जाएगी. नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया था कि जो स्वास्थ्यकर्मी 2020 तक एक भी पुरुष को नसबंदी केंद्र तक नहीं ला पाएगा, उसे रिटायर कर दिया जाएगा. जैसे ही यह आदेश मीडिया की सुर्खियों में आया तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने पहले तो आनन-फानन में स्वास्थ्यकर्मियों की सैलेरी रोकने के इस आदेश को वापिस लिया और मिनिटों में ही छवि भारद्वाज का तबादला भी कर दिया.

महिला कलेक्टर ने जड़ा था बीजेपी कार्यकर्ताओं को थप्पड़

मध्य प्रदेश की दबंग महिला आईएएस, समाजहित में करती हैं फैसले, नहीं डरतीं तबादले से | MP's dominating women IAS, make decisions in social interest, not afraid of transfer
निधि निवेदिता ने जड़ा था बीजेपी कार्यकर्ताओं को थप्पड़.


राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता उस समय पूरे देश की सुर्खियों में छा गई थीं, जब नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में निकाली गई बीजेपी की रैली में उन्होने कार्यकर्ताओं को थप्पड़ मारा था. वीडियो सामने आने के बाद बवाल मचा था. बीजेपी ने कलेक्टर के खिलाफ राजगढ़ में धरना दिया था. राजगढ़ कलेक्टर को लेकर कांग्रेस-बीजेपी के बीच काफी राजनीति भी हुई थी. बाद में उन्हें इस पद से हटा भी दिया गया।

यात्राओं-रैलियों पर खर्च नहीं होगा विभाग का बजट

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दीपाली रस्तोगी ने आदेश दिया था कि विभागीय बजट का इस्तेमाल विकास यात्राओं और सम्मेलन में नहीं किया जाएगा


महिला आईएएस दीपाली रस्तोगी अपने एक विवादास्पद लेख के साथ अपने आदेशों को लेकर भी चर्चा में रही हैं. दीपाली रस्तोगी ने आदेश दिया था कि विभागीय बजट का इस्तेमाल विकास यात्राओं और सम्मेलन में नहीं किया जाएगा. विभाग का बजट केवल योजनाओं के लिए ही इस्तेमाल हो. इसके पहली महिला आईएएस ने आदिवासी बच्चों को धार्मिक-राजनीतिक आयोजन में ले जाए जाने पर रोक लगाई थी. उनकी कर्मचारियों को लेकर की गई फिक्र भी चर्चा में रही थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि लंच के बाद कर्मचारियों का धूप में जाना जरूरी है. लगातार दफ्तर के बंद कमरे में रहने से उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

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