किशोर कुमार: 'दूध जलेबी खाएंगे, खंडवा में बस जाएंगे'

आज खंडवा में लोग धूमधाम से उनका जन्मदिन मना रहे हैं. लोग गीत संगीत सभाएं कर रहे हैं और किशोर कुमार के गानों को गुनगुनाकर उन्हें याद कर रहे हैं.
आज खंडवा में लोग धूमधाम से उनका जन्मदिन मना रहे हैं. लोग गीत संगीत सभाएं कर रहे हैं और किशोर कुमार के गानों को गुनगुनाकर उन्हें याद कर रहे हैं.

आज खंडवा में लोग धूमधाम से उनका जन्मदिन मना रहे हैं. लोग गीत संगीत सभाएं कर रहे हैं और किशोर कुमार के गानों को गुनगुनाकर उन्हें याद कर रहे हैं.

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महान गायक किशोर कुमार का आज जन्मदिवस है. उनका जन्म मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था. आज खंडवा में लोग धूमधाम से उनका जन्मदिन मना रहे हैं. लोग गीत संगीत सभाएं कर रहे हैं और किशोर कुमार के गानों को गुनगुनाकर उन्हें याद कर रहे हैं.

किशोर कुमार को जानने और पहचानने वाले उन्हें याद भी कर रहे हैं. किशोर कुमार के बचपन के दोस्त मानिक चौहान उन्हें याद करते हुए कहते हैं कि किशोर कुमार ने भले ही सफलता की ऊंचाइयों को छू लिया था. मगर उनके दिल के अंदर हमेशा एक किशोर बसता था.

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खंडवा की गलियों में बिताई बचपन की यादें ताउम्र उनके साथ रही. किशोर कुमार बड़े होकर भी अपने पड़ोसी लालाजी जलेबी वाले को नही भूले. बचपन की बातें जवानी में याद कर बॉलीवुड में वो सभी से कहा करते थे 'दूध जलेबी खाएंगे, खंडवा में बस जाएंगे'. बॉलीवुड में एक ऐसा दौर भी आया जब किशोर कुमार यहाँ की चकाचौंध से दूर अपने गृह नगर खंडवा में बस जाना चाहते थे.
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खंडवा में पिछले 40 सालों से उनके घर की देखभाल करने वाले चौकीदार सीताराम का कहना है की 1987 में किशोर कुमार आखिरी बार खंडवा आये थे और उन्होंने उनसे अपने घर की साफ़ सफाई अच्छी तरह से करने को कहा था ताकि इस बार मुंबई में नही खंडवा में दीपावली मनाई जा सके. लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. 13 अक्तूबर 1987 को किशोर कुमार का देहांत हो गया.
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